जयपुर पुलिस ने बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर फिरौती वसूलने के मामले का मंगलवार को खुलासा किया है। 9वीं पास मुख्य आरोपी ने गैंग बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। भांकरोटा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 44.50 लाख रुपए और एक पिस्टल, वारदात में यूज की गई (KIA Sonet) कार और फिरौती के पैसों से खरीदा गया करीब 80 हजार रुपए का घरेलू सामान जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार निवासी निखिल तिवाड़ी उर्फ मोहित तिवाड़ी उर्फ गुरुप्रीत सिंह उर्फ अखिल अग्रवाल (40), उदयपुर निवासी उस्मान गनी (62), बिहार निवासी वसीम अख्तर उर्फ गोलू (34) और अखिल कुमार महीवाला (32) शामिल है। पुलिस ने 14 मई को पटना और उदयपुर से मास्टरमाइंड सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गैंग से जुड़े अन्य लोगों और वारदात के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस आरोपियों को बुधवार को मौके पर ले जाकर पीड़ित से शिनाख्त कराएगी। उसके बाद आरोपियों कोर्ट में पेश किया जाएगा। दुबई का गोल्ड व्यापारी बताकर दंपती को झांसे में लिया आरोपियों ने खुद को दुबई का बड़ा गोल्ड व्यापारी बताकर दंपती को झांसे में लिया। बता दें कि पीड़िता विजय लक्ष्मी ने रिपोर्ट में बताया था कि उन्होंने वैशाली नगर स्थित मकान बेचने के लिए 99 Acre वेबसाइट पर विज्ञापन डाला था। इसी दौरान अखिल अग्रवाल नामक व्यक्ति ने संपर्क कर खुद को दुबई का कारोबारी बताया और मकान खरीदने की बात कही। आरोपी ने मकान का सौदा करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपए में तय किया और कुछ समय बाद पत्नी व वकील के साथ भुगतान करने का भरोसा दिया। 2 मई को आरोपी बुजुर्ग दंपती को अपनी गाड़ी में बैठाकर चौरड़िया सिटी स्थित बालाजी एन्क्लेव के एक विला में ले गया, जहां पहले से मौजूद बदमाशों ने दोनों को बंधक बना लिया। आरोपियों ने मारपीट कर 60 लाख रुपए की मांग की और पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। कई दिनों तक बंधक बनाकर वसूले रुपए आरोपियों ने बुजुर्ग दंपती को कई दिनों तक विला में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उनके बैंक खातों, रिश्तेदारों और परिचितों से करीब 47.90 लाख रुपए मंगवाए गए। आरोपियों ने दंपती के घर से बैंक दस्तावेज मंगवाकर खातों से भी रकम निकलवाई। वारदात के बाद आरोपियों ने दंपती को धमकाकर ऑनलाइन कैब से दिल्ली एयरपोर्ट भेज दिया और किसी को जानकारी देने पर हत्या की धमकी दी। डर के कारण दंपती ने कुछ दिनों तक घटना छिपाए रखी, बाद में रिश्तेदारों को जानकारी देने पर मामला भांकरोटा पुलिस तक पहुंचा।
इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और इंटेलीजेंस के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस टीमों को पटना और उदयपुर रवाना किया गया, जहां दबिश देकर 14 मई को ट्रांजिट रिमांड पर आरोपियों को बापर्दा गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। 9वीं पास मास्टर माइंड ने रचा ठगी का खेल डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि वारदात का मास्टरमाइंड निखिल तिवाड़ी महज 9वीं पास है। वो मुंबई में स्क्रैप का काम करता था और वहां से दुबई शिफ्ट हो गया। आरोपी ने अब तक देशभर में 4 वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पहचान छुपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड लिया काम डीसीपी वेस्ट ने बताया कि आरोपी ने अपनी पहचान छुपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड तक काम में लिया। आरोपी ने अखिल अग्रवाल बनकर पीड़ित से मुलाकात की। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वो चूरू निवासी है और पटना में एक हॉस्टल चलाता है। जांच में पता चला कि आरोपी अकेला काम नहीं कर रहा। इसके साथ तीन-चार लोग और वारदात में शामिल हैं। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अलग-अलग चार टीमों का गठन किया। आरोपी ने गैंग मेंबर्स को भी अपने अलग-अलग नाम बताए मुख्य सरगना निखिल तिवाड़ी ने अपने गैंग मेंबर्स को भी अपने अलग-अलग नाम बता रखे थे, ताकि उसकी पहचान कभी उजागर ना हो। जब आरोपी के आधार कार्ड की जानकारी जुटाई गई। साथ ही यह देखा गया कि ये जयपुर पहले कब आया है, कहां रुका था। तो पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने फेक आधार कार्ड (गुरमित नाम का) का यूज करके वहां पर रुकना बताया। जब पुलिस ने मुख्य सरगना से पहले गैंग के दो आरोपियों को पकड़ा तो उनसे भी पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने दोनों को भी अलग-अलग मोबाइल नंबर दिया था। पुलिस ने बताया- आरोपी निखिल अपनी पहचान छुपाने के लिए कैप पहने रहता था, ताकि चेहरा ना दिखे। आरोपी निखिल तिवाड़ी ने अपना नाम मोहित तिवाड़ी उर्फ गुरुप्रीत सिंह उर्फ अखिल अग्रवाल अपने साथ वालों को बताया था।
अगली वारदात की फिराक में था आरोपी आरोपी वारदात के दौरान अपना नाम, अपनी पहचान से जुड़ा कोई डॉक्यूमेंट्स या मोबाइल सामने नहीं लेकर आता था। आरोपी ने पीड़ित को भी इतना विश्वास में ले लिया था कि उनको भी इसका सही नाम और पता नहीं मालूम था। किसी को यह हरियाणा का बताता था, तो किसी को नोएडा का रहने वाला बताता था। आरोपी को जब पुलिस ने पकड़ा तो ये अगली वारदात को अंजाम देने वाला था, जिसकी पूरी प्लानिंग की जा रही थी। आरोपी जयपुर निवासी 35 वर्षीय महिला को वेबसाइट के माध्यम से ही इसी तरीके से ठगने की फिराक में था। हालांकि, इस बीच ही पुलिस ने इस शातिर बदमाश को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने 3-4 स्टेट में ऐसी वारदातों को करना कबूला है। आरोपी के मंसूबे इसलिए भी मजबूत थे, क्योंकि अब तक की गई वारदातों के बाद भी इनके खिलाफ किसी तरह की कंपलेन नहीं की गई थी। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि आरोपी दुबई जैसे शहर में रह चुका है, ऐसे में बड़े-बड़े लोगों से बात करने में और उन्हें विश्वास में लेने में दिक्कत नहीं होती थी। उसके हावभाव काफी कॉन्फिडेंट थे। जिसके कारण लोग इसके प्रभाव में आ जाते हैं। ————————— मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… रिटायर्ड बैंकर को बम से उड़ाने की धमकी,48 लाख वसूले:बदमाश बोले- चिथड़े और DNA भी नहीं मिलेगा; पत्नी समेत 5 दिन तक बंधक बनाकर रखा जयपुर में बदमाशों ने एक विला में 5 दिन तक बुजुर्ग पति-पत्नी को बंधक बनाकर रखा। बम से उड़ाने की धमकी देकर बोले- तुम्हारे चिथड़े और डीएनए भी नहीं मिलेगा। बुजुर्ग पति-पत्नी से 48 लाख रुपए फिरौती के वसूल लिए। मामले में पीड़ित पति-पत्नी ने भांकरोटा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। (पूरी खबर पढ़ें…)