RJD MLA बोगो सिंह बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के जनता दरबार में पहुंचे और अस्पताल की खराब स्थिति के बारे में बताया। मंत्री ने बोगो सिंह को आश्वासन दिया है कि मामले को देखा जाएगा। वहीं दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री को थोड़कर TRE-4 के अभ्यर्थी भी हेल्थ मिनिस्टर के जनता दरबार में पहुंचे। अभ्यर्थियों ने कहा कि पहले 46 हजार पदों पर बहाली की बात कही गई थी, लेकिन अब 20 हजार पदों की चर्चा हो रही है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी मांग रखते हैं तो उन पर लाठीचार्ज की जाती है। जुलाई में नोटिफिकेशन निश्चित आएगा- शिक्षा मंत्री शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि जुलाई में नोटिफिकेशन निश्चित आएगा, कितना की वेकेंसी होगी। उस वक्त सब पता चल जाएगा। बिहार के सभी प्रखंड कार्यालय में शिक्षा विभाग की ओर से सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा।
मटिहानी की जनता ने सेवा का मौका दिया है बोगो सिंह ने कहा कि कल भी मैं स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य मंत्री से मिलने गया था, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी थी। आज विभाग पहुंचा तो जानकारी मिली कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार जेडीयू कार्यालय में जनता दरबार लगा रहे हैं, जिसके बाद मैं यहां पहुंचा हूं। बोगो सिंह ने कहा कि जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे, तब उनसे अनुमति लेकर गांव में उनकी माता के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से 6 बेड का अस्पताल बनवाया गया था। पत्नी के नाम पर भी एक 6 बेड का अस्पताल बनाया गया था। अस्पताल बनते-बनते मैं चुनाव हार गया। इसके बाद दोनों अस्पतालों की स्थिति लगातार खराब होती चली गई। आज हालत ऐसी हो गई है कि अस्पताल में अब कुत्ते बैठे रहते हैं। बोगो सिंह ने कहा कि इस बार मटिहानी की जनता ने उन्हें फिर से सेवा का मौका दिया है। 6 महीने से अस्पताल बदहाल बोगो सिंह ने कहा कि पार्टी की विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अस्पतालों की बदहाली को लेकर जो सवाल उठाया था, उसी मुद्दे को लेकर मैं भी आया हूं। उन्होंने कहा कि सरकार बने छह महीने हो गए, लेकिन अस्पताल की स्थिति नहीं बदली। “6 महीने से अस्पताल में कुत्ता बैठा हुआ है, क्या यही सुशासन की सरकार है?”