भारत को पहला शूटिंग गोल्ड दिलाने वाले रणधीर का निधन:पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह के चचेरे भाई; 5 बार ओलंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के चचेरे भाई, 5 बार के ओलंपियन और दिग्गज खेल प्रशासक राजा रणधीर सिंह का निधन हो गया है। इस घटना की पुष्टि खुद पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक भावुक संदेश साझा करके की है। अपने आधिकारिक अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लिखा अत्यंत दुख के साथ मुझे आप सभी को यह सूचित करना पड़ रहा है कि मेरे भाई, राजा रणधीर सिंह जी का निधन हो गया है। वाहेगुरु जी दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में निवास बख्शें और शाश्वत शांति प्रदान करें। खेल जगत में शोक की लहर राजा रणधीर सिंह का जाना न केवल पटियाला के शाही परिवार के लिए बल्कि संपूर्ण भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 79 वर्षीय राजा रणधीर सिंह ने अपने जीवन में भारतीय खेलों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाने का काम किया। उनके निधन की खबर फैलते ही खेल और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। राजा रणधीर सिंह का गौरवशाली सफर: एक नज़र में निशानेबाजी में स्वर्णिम इतिहास: राजा रणधीर सिंह एक बेहतरीन ट्रैप और स्कीट शूटर थे। उन्होंने 1978 के बैंकॉक एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था और एशियाई खेलों में निशानेबाजी में स्वर्ण जीतने वाले वह पहले भारतीय बने थे। पांच ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व: उन्होंने 1968 (मेक्सिको) से लेकर 1984 (लॉस एंजिल्स) तक लगातार 5 ओलंपिक खेलों में भारत का शानदार प्रतिनिधित्व किया। कुशल खेल प्रशासक: मैदान के बाहर भी उनका योगदान अतुलनीय रहा। वे लंबे समय तक भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के महासचिव रहे। इसके अलावा, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के सदस्य और ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष जैसे सर्वोच्च पदों को भी सुशोभित किया। 1979 में उन्हें खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा साझा की गई इस जानकारी के बाद लगातार राजनेताओं, खेल हस्तियों और आम जनता द्वारा राजा रणधीर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। उनके द्वारा भारतीय खेलों के लिए किए गए निस्वार्थ कार्य और मार्गदर्शन को हमेशा याद रखा जाएगा।

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