हमने पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के गनर से कहा कि मंडी में गाड़ियां और जानवर आ रहे हैं, कहीं आपको चोट न लग जाए। इसलिए आप थोड़ा किनारे खड़े हो जाइए। इस पर गनर ने ताव में आकर मुझे धक्का देकर एक थप्पड़ जड़ दिया। मेरे साथ मौजूद लोगों ने विरोध किया तो गनर ने एक और थप्पड़ जड़ दिया। इस दौरान सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी तमाशबीन बने खड़े रहे। अगर वो निष्पक्ष बात करते हुए सबको अलग कर देते तो यह मुद्दा इतना बड़ा न बनता। इरफान सोलंकी मुझे तिरछी निगाहों से घूरते हुए बोले- तुझे मैंने स्कैन कर लिया है। मेरी आंखों में तू बस गया है। यह कहना था बकरा मंडी संचालक और कानपुर के पटकापुर निवासी वफा अब्बास का। मंगलवार देर रात इरफान सोलंकी के गनर से झगड़े के बाद वफा अब्बास ने दैनिक भास्कर से पूरे घटनाक्रम को साझा किया। उन्होंने कहा- क्या पता अखिलेश यादव की सत्ता आने पर मुझे मरवा दिया जाए। पढ़िए पूरी बातचीत… रात 1 बजे लाव-लश्कर से आए थे इरफान सोलंकी वफा अब्बास ने बताया कि वह करीब 6 साल से हलीम कॉलेज मैदान में लगने वाले बकरा मंडी का संचालन करा रहे हैं। मंगलवार रात करीब 1 बजे का समय था, बकरीद त्योहार को लेकर मंडी में ग्राहक और पशु कारोबारियों का जमावड़ा लगा हुआ था। इस दौरान सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, गनर अजीम अहमद और कुछ अज्ञात लोगों के साथ पूरे लाव–लश्कर से आए। मंडी मैदान के मुख्य गेट पर इरफान सोलंकी अपने साथियों के साथ खड़े थे। हमने उनके गनर अजीम अहमद से कहा कि पूर्व विधायक को लेकर किनारे खड़े हो, मंडी में जानवर और गाड़ियां आ रही हैं, कहीं आप लोगों को चोट न लग जाए। इरफान सोलंकी ने एक बार भी गनर को नहीं रोका वफा अब्बास ने बताया कि इतना सुनते ही गनर लड़ने को आमाद हो गया, उसने मुझे धक्का देकर एक थप्पड़ जड़ दिया। मैंने और मेरे साथी फहद ने विरोध किया तो गनर एक के बाद एक कई थप्पड़ मुझे मारने लगा। गनर मेरा बैग छीनने लगा। छीना-झपटी में मेरे बैग से काफी पैसे गिरे या गनर ले गया, इसका मुझे कुछ पता नहीं लगा। इस पूरे मामले में इरफान सोलंकी ने एक लफ्ज भी नहीं बोला, गनर को रोका भी नहीं, जबकि हम लोग हर चुनाव में उनके साथ लगे रहते थे। गनर पुलिस प्रशासन को बदनाम कर रहा है वफा अब्बास ने कहा- मैं प्रशासन से ये मांग करता हूं कि पुलिस जांच करे कि जब इरफान की पत्नी सपा विधायक नसीम सोलंकी को गनर दिया गया है, तो इरफान गनर लेकर कैसे घूम रहे हैं। गनर ने जो FIR दर्ज कराई है, उसमें बुधवार सुबह 12 बजे का समय दिया गया है, जबकि पूरी घटना मंगलवार रात की है। गनर अजीम प्रशासन को गुमराह कर रहा है। पुलिस कमिश्नर इस पूरे मामले की जांच कराएं। गनर पुलिस प्रशासन को बदनाम करने का काम कर रहा है। मेरा पूरा विवाद गनर से हुआ था। गनर के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन उसका नाम FIR में नहीं है, ऐसा क्यों किया गया? वहीं, हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने के सवाल पर वफा अब्बास ने बताया कि उन्होंने रंगदारी, लूट की तहरीर दी थी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल रहा है। मारपीट की धाराओं में कैसे मुकदमा दर्ज हुआ, जबकि मेरा पर्स छीना गया, पैसे छीने गए। मेरे पास 100 गवाह हैं, जिसकी जांच की जाए। गनर ने पहले भी एक जगह और मारपीट की थी। मुझे अपराधी बताया जा रहा है, पता किया जाए कि किसने अपराध किया है, किसने लोगों के घर उजाड़े हैं? आखिरी में 10 पॉइंट में पूरा मामला जानें ——————- यह खबर भी पढ़िए… इरफान सोलंकी 34 महीने बाद रिहा:महराजगंज जेल के बाहर विधायक पत्नी को गले लगाया, फेसबुक पर लिखा- स्वागत नहीं करोगे हमारा कानपुर से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी 34 महीने बाद आज मंगलवार शाम जेल से बाहर आ गए। विधायक पत्नी नसीम सोलंकी बच्चों और सास खुर्शिदा बेगम के साथ उन्हें लेने के लिए महराजगंज जेल पहुंची थीं। शाम 6:15 बजे जेल का गेट जैसे खोला गया, नसीम और बच्चे इरफान की तरफ दौड़ पड़े। इरफान ने सभी को गले लगा लिया। पूरी खबर पढ़ें