मंगनी लाल की छुट्टी तय, तेजस्वी बनाएंगे नया प्रदेश अध्यक्ष:सुधाकर, सुनील या सर्वजीत, किसे मिलेगी बिहार RJD की कमान, जानें रेस में और कौन-कौन

राजद में संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। तेजस्वी यादव अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने वाले हैं। मंगनी लाल मंडल की जगह नए नेता को जिम्मेदारी मिलेगी। राजद के नए प्रदेश अध्यक्ष की रेस में सुधाकर सिंह, सुनील कुमार सिंह और कुमार सर्वजीत जैसे नेताओं के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। राजद प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में कौन से नेता हैं? इनकी ताकत और कमजोरी क्या है? क्यों मंगनी लाल की कुर्सी जा रही है? पढ़िए खास रिपोर्ट…। राजद के नए प्रदेश अध्यक्ष की रेस में कौन कुमार सर्वजीत रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। वह राजद प्रमुख लालू यादव और तेजस्वी यादव के करीबी हैं। उनके पिता राजेश कुमार की हत्या 22 जनवरी 2005 को विधानसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी कर की गई थी। इसके बाद कुमार सर्वजीत नौकरी छोड़कर राजनीति में आए। कुमार सर्वजीत की ताकत कमजोरी लालू परिवार के करीबी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई सुनील कुमार सिंह भी रेस में हैं। वह धन-बल से भी मजबूत हैं। जाति से राजपूत हैं। सुनील कुमार सिंह की ताकत कमजोरी आलोक मेहता का नाम भी नए प्रदेश अध्यक्ष की रेस में लिया जा रहा है। उन्होंने केंद्र से लेकर बिहार तक की राजनीति की है। सांसद रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव में जीतकर आए हैं। आलोक मेहता की ताकत कमजोरी मोरवा विधानसभा सीट से विधायक और राजद के महासचिव रणविजय साहू भी प्रदेश अध्यक्ष बन सकते हैं। वह लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के करीबी हैं। सोच-समझ कर बोलते हैं। रणविजय साहू की ताकत कमजोरी राजद के दिग्गज राजद नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के पुत्र सुधाकर सिंह बक्सर से सांसद हैं। उनका नाम भी अगले राजद प्रदेश अध्यक्ष के रूप में लिया जा रहा है। सुधाकर सिंह की ताकत कमजोरी अब जानिए, क्यों जा सकती है मंगनी लाल मंडल की कुर्सी

विधानसभा चुनाव 2025 से पहले जगदानंद सिंह ने खराब सेहत की वजह से आगे प्रदेश अध्यक्ष बने रहने से इनकार किया था। इसके बाद आरजेडी ने मंगनी लाल मंडल को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी थी। राजद को मजबूत बनाने में लगे हैं तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हाल ही में कहा है कि वे संगठन में बदलाव लाने वाले हैं। तेजस्वी नेताओं-कार्यकर्ताओं का CR चेक कर रहे हैं। प्रदेश स्तर से लेकर जिला व प्रखंड स्तर से नेताओं के बारे में जानकारी मंगाई गई है। तेजस्वी भरोसेमंद नेताओं की पहचान कर रहे हैं। असफल होने के बाद नई रणनीति बनानी ही पड़ती है वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क कहते हैं कि यह स्वस्थ परंपरा है कि जब भी आदमी असफल होता है तो नई रणनीति बनाता है। मंगनी लाल मंडल को जब तेजस्वी ने प्रदेश अध्यक्ष बनाया था तो दिमाग में ईबीसी पॉलिटिक्स थी। तेजस्वी ने कहा था कि अब ट्रांसफॉरमेशन होगा और आरजेडी एमवाई की जगह A टू Z की पार्टी बनेगी। फिर कहा कि आरजेडी BAAP की पार्टी होगी। तेजस्वी यादव को अब लग रहा है कि सवर्णों को साथ रखना जरूरी है।

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