स्कॉलरशिप फॉर्म भरने निकले छात्र के मर्डर की कहानी:15 हजार की लालच में दोस्त ने हत्यारे तक पहुंचाया; हाथ-पैर तोड़े, गर्दन मरोड़कर मार डाला

‘मां, मैंने फर्स्ट डिवीजन से 10वीं पास की है, इसलिए बिहार सरकार मुझे 10 हजार रुपए की स्कॉलरशिप देगी। इसके लिए मुझे एक फॉर्म भरना होगा। मैं ऑनलाइन फॉर्म भरने जा रहा हूं, तभी पैसा मिलेगा। इस पैसे से मैं अच्छे कोचिंग में एडमिशन लेकर आगे की पढ़ाई करूंगा। मैं अफसर बनने के आपके सपने को पूरा करूंगा।’ 16 साल का विकास यादव 26 मई (मंगलवार) को अपनी मां सीता देवी को ये बातें कहकर घर से निकला था। विकास बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कंकौल गांव का रहने वाला था। एक दिन बाद यानी 27 मई को विकास की लाश मिली थी। पोस्टमॉर्टम के बाद उसके शव को 28 मई को घरवालों को सौंप दिया गया, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। विकास की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लड़कों मोहित (19) और विकास (20) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार मोहित ने पुलिस को बताया कि 15 हजार रुपए की लालच में विकास को मुख्य आरोपी के पास ले गया था। विकास यादव की हत्या दोनों लड़कों ने क्यों की? आरोपियों ने विकास की हत्या कैसे की? दोनों आरोपियों तक पुलिस कैसे पहुंची? वारदात में कितने लोग शामिल थे? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले वारदात से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए विकास की हत्या की कहानी रामउदय यादव और सीता देवी के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा शिवम कुमार, मंझला बमबम कुमार और सबसे छोटा विकास कुमार। पूरा परिवार खेती-किसानी और पशुपालन करता है। रामउदय यादव काफी जतन से अपने सबसे छोटे बेटे विकास कुमार को पढ़ा रहे थे। वो अधिकारी बनना चाहता था। विकास ने गांव के ही उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय चिलमिल से इस साल 10वीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन से पास की थी। इसके बाद विकास ने इंटर में अपना एडमिशन कराया था। उसे बिहार सरकार से मिलने वाले स्कॉलरशिप का फॉर्म भरना था। मंगलवार को विकास ने अपने साथ 10वीं पास करने वाले मोहित कुमार उर्फ कारेलाल से कहा कि चलो फॉर्म भरने जाना है। दोपहर करीब 12 बजे विकास ने अपनी मां को बताया कि मैं मोहित के साथ बाइक से फॉर्म भरने जा रहा हूं। मां सीता देवी जब बाहर आई तो देखा कि मोहित बाइक लेकर बाहर खड़ा है। विकास और मोहित बेगूसराय बाजार गए, जहां सर्वर फेल होने के कारण फॉर्म नहीं भर सके। इसके बाद मोहित, विकास को बलिया ले गया। यहां कंकौल गांव के ही रहने वाले मुसो यादव का बेटा विकास यादव (मुख्य आरोपी) पहले से इंतजार कर रहा था। मोहित के साथ बलिया पहुंचे विकास ने देखा कि गांव का विकास भी वहां मौजूद है, तो उसने मोहित से कहा कि तत्काल यहां से घर चलो। बलिया से 90 किलोमीटर दूर खगड़िया लेकर जाकर की हत्या विकास के घर चलने की बात कहने के बाद मोहित बाइक से उतरा और चाबी निकालकर मूसो यादव के बेटे विकास के हवाले कर दिया। इसके बाद चार-पांच लड़के रामउदय के बेटे विकास को एक कार में बैठाकर जबरन खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र स्थित दियारा इलाके के पीरनगरा बहियार ले गए। पहले विकास की जमकर पिटाई की। इस दौरान उसके दोनों हाथों को तोड़ दिया। फिर विकास की गर्दन मरोड़ कर हत्या कर दी और लाश को जलकुंभी में फेंक दिया। वारदात के दिन ही दोपहर 2 बजे मोहित घर आया। मोहित के गांव आने की जानकारी मिलने के बाद रामउदय यादव ने उससे पूछा कि विकास कहां है, तो उसने बताया कि वो मेरे साथ बाजार तक गया था, लेकिन बाद में मुझसे कहा कि तुम चले जाओ, मुझे कुछ काम है, निपटाकर घर आ जाऊंगा। मुझे नहीं पता कि वो कहां है। देर शाम तक विकास घर नहीं पहुंचा तो दोबारा विकास के पिता रामउदय यादव अपने परिवार और गांव के कुछ लोगों के साथ मोहित के घर पहुंचे। कड़ाई से पूछताछ की, पुलिस में जाने की बात कही तो मोहित ने बताया कि मूसो यादव के बेटे विकास यादव ने मुझसे कहा था कि किसी बहाने रामउदय यादव के बेटे विकास को बलिया लेकर पहुंचो। इस कबूलनामा के बाद रामउदय और गांव के लोगों ने मोहित को पकड़ लिया और उसे लेकर पुलिस के पास पहुंचे और मामले की जानकारी दी। डीएसपी सदर वन आनंद कुमार पांडे और थानाध्यक्ष अजय शंकर ने मोहित से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरे वारदात की जानकारी दी और बताया कि विकास की हत्या हो चुकी है। इसके बाद पुलिस की टीम कंकौल पहुंची और मुसो यादव के बेटे विकास यादव को उसके घर से गिरफ्तार किया। 15 हजार की लालच में विकास को लेकर बलिया पहुंचा था मोहित पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार मोहित ने बताया कि मैंने मुख्य आरोपी विकास यादव से 5 हजार रुपए उधार लिए थे। वो बार-बार मुझसे पैसे मांगता था। इसी बीच फरवरी में वो जेल चला गया। हाल ही में वो जेल से बाहर निकला तो मुझसे 5 हजार रुपए की डिमांड करने लगा। मैंने उससे कुछ दिनों में पैसे लौटाने की बात कहीं। फिर विकास यादव ने मुझे लालच दी कि अगर तुम रामउदय के बेटे विकास को मेरे पास लेकर बलिया पहुंचा दो तो 5 हजार रुपए माफ कर दूंगा। इसके अलावा 15 हजार रुपए और दूंगा। इस पैसे की लालच में मैंने रामउदय के बेटे विकास को लेकर बलिया पहुंचा और उसे मुख्य आरोपी के हवाले कर दिया। आरोपी विकास यादव बोला- 4 महीने से बदला लेने की कोशिश कर रहा था पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी विकास यादव ने बताया कि मैं 4 महीने से रामउदय के बेटे विकास की हत्या की कोशिश कर रहा था। मैंने किसी तरह मोहित को इसके लिए तैयार किया। इसकी निशानदेही पर पुलिस विकास और मोहित को लेकर घटनास्थल पर पहुंची। 26 मई की ही देर रात करीब 2 बजे जलकुंभी से विकास की लाश को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। इधर, विकास यादव की लाश मिलने की सूचना मिलते ही गांव के लोग आक्रोशित हो गए। वे लोग मुख्य आरोपी विकास के घर तोड़फोड़ करने पहुंचे, लेकिन पता चला कि विकास के पिता मूसो यादव और मोहित के पिता बुलबुल यादव परिवार के सदस्यों के साथ फरार हो चुके हैं। मामले की जानकारी के बाद पुलिस भी दोनों आरोपियों के घर पहुंची और लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस लाश लेकर गांव पहुंची और 5 मिनट में ही अंतिम दर्शन के बाद लाश को अंतिम संस्कार के लिए सिमरिया गंगा घाट ले जाया गया। मंझले भाई बमबम ने मुखाग्नि देकर विकास का अंतिम संस्कार किया। आखिर में जानिए, विकास यादव की हत्या की वजह क्या थी? इसी साल 10 फरवरी को साइबर पुलिस को शिकायत मिली थी कि फेसबुक पर कुमार शिवम नाम के आईडी से लगातार आपत्तिजनक कंटेट, फोटो, वीडियो पोस्ट की जा रही है। कंकौल गांव की महिलाओं-लड़कियों की फोटो और वीडियो को रामउदय यादव के बड़े बेटे शिवम के साथ जोड़कर वायरल किया जा रहा है। इस हरकत के कारण गांव में आपसी रंजिश और तनाव का माहौल बन गया था। कई परिवार के सदस्यों के साथ शिवम ने इस संबंध में साइबर थाने में लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई थी। साइबर पुलिस की टीम आईपी एड्रेस को ट्रैक कर असली अपराधी तक पहुंची। जांच में पता चला कि मूसो यादव के बेटे विकास यादव ने रामउदय के बेटे शिवम के नाम से फर्जी आईडी बनाई है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट, फोटो और वीडियो शिवम नहीं, बल्कि विकास ही पोस्ट कर रहा था। वो शिवम को गांव में बदनाम करना चाहता था। खुलासे के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर मूसो यादव के बेटे विकास यादव को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हरदिया चौक के पास से 12 फरवरी 2026 की देर शाम गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ BNS की धारा- 77, 78, 318 (4), 319 (2) और आईटी एक्ट की धारा- 66, 66 (C), 66(D) के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया। SP मनीष ने बताया कि मृतक विकास कुमार के पिता रामउदय यादव के आवेदन पर विकास कुमार, मोहित कुमार, रोहित कुमार, मूसो यादव, बुलबुल यादव और रोशन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि पहले के विवाद को लेकर घटना को अंजाम दिया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही घटना में उपयोग की गई बाइक को भी बरामद किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है।

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