चंडीगढ़ नगर निगम में ₹200 करोड़ के स्मार्ट सिटी घोटाले में नए खुलासे हुए हैं। घोटाला करने वाले आरोपियों ने इनसे लग्जरी गाड़ियां खरीदीं। जिनमें मर्सिडीज की जी-वैगन, रेंज रोवर और BYD सील शामिल हैं। इसका खुलासा तब हुआ, जब घोटाले की जांच के दौरान पता चला कि ये गाड़ियां भी करप्शन की रकम से ही खरीदी गई थी। इसके बाद पुलिस ने इन गाड़ियों को कब्जे ले लिया है। यह तीनों गाड़ियां चंडीगढ़ पुलिस के सेक्टर-17 स्थित इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) के थाने में खड़ी हैं। यह मामला जांच के लिए अब CBI को ट्रांसफर हो चुका है। हालांकि गाड़ियों को अभी थाने में ही रखा गया है। जिनका खुलासा अब हुआ है। जानिए, किस आरोपी से कौन सी लग्जरी गाड़ी मिली:- CBI इन्हें अहम सबूत मान रही
CBI के सूत्रों के मुताबिक बरामद की गईं गाड़ियां भ्रष्टाचार की रकम से खरीदी गई थीं। इसी वजह से इन्हें केस की अहम प्रॉपर्टी माना जा रहा है और फिलहाल रिलीज करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में ये वाहन अहम भूमिका निभाएंगे। जानिए, कैसे किया था पूरा घोटाला:-
CBI सूत्रों के मुताबिक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए आई ग्रांट की रकम IDFC फर्स्ट बैंक में FD के रूप में जमा थी। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यह रकम नगर निगम को ट्रांसफर होनी थी। मगर, उससे पहले ही यह रकम रियल एस्टेट कारोबार में निवेश कर दिया गया। इसके लिए आरोपियों ने फर्जी FD रसीदें तैयार कर सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर की। इसी तरह क्रेस्ट में भी सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने बैंक के कर्मचारियों से मिलीभगत कर जाली कंपनियां बनाईं। फिर इस सरकारी रकम को अलग-अलग जगह इन्वेस्ट कर दिया। घोटाले में अब तक ये आरोपी पकड़े जा चुके
पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक स्मार्ट सिटी की पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नलिनी मलिक, क्रेस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर सिंह अबरोल, साहिल कुक्कड़, पूर्व बैंक मैनेजर अभय कुमार, बैंक ऑथोराइजर सीमा धीमान और कारोबारी विक्रम वाधवा को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा अभिषेक सिंगला, स्वाति सिंगला, रिभव ऋषि, अंकुर और हरियाणा पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के डायरेक्टर फाइनेंस अमित दिवान की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं नगर निगम का अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।