बरनाला जिले के गांव राजगढ़ में पुलिस की कथित बदसलूकी से तंग आकर एक किसान ने जहरीली वस्तु निगल ली। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक व किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने मिनी सचिवालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने के काम में डाली बाधा, आप पंच ने बुलाई पुलिस यह घटना तब हुई जब राजगढ़ निवासी बेअंत सिंह के घर के सामने वाली गली में इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने का काम चल रहा था, जिस पर उन्हें कुछ आपत्तियां थीं। इसी दौरान आम आदमी पार्टी के पंच गुरुसेवक सिंह ने थाना धनौला के प्रभारी लखबीर सिंह को मौके पर बुला लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि थाना प्रभारी लखबीर सिंह ने बेअंत सिंह और उनके परिवार के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया और उनके साथ मारपीट भी की। इस कथित बदसलूकी से आहत होकर बेअंत सिंह के भाई मनजिंदर सिंह ने जहरीली वस्तु का सेवन कर लिया। घटना से गुस्साए लोगों ने मिनी सचिवालय के बाहर धरना दिया। इसमें जिला योजना बोर्ड के पूर्व चेयरमैन गुरदीप सिंह बाठ, कांग्रेसी विधायक काला ढिल्लों के बेटे करण प्रताप सिंह ढिल्लों और किसान नेता दर्शन सिंह व राजवीर सिंह जैसे प्रमुख व्यक्ति शामिल हुए। धरना दे रहे लोगों ने जताया रोष धरना दे रहे नेताओं ने इस पूरे मामले की तुलना कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से जुड़े एक केस से की। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां भी सरकारी दबाव के कारण एक अधिकारी ने जान दे दी थी, और यहां भी पुलिस की बदसलूकी से तंग आकर एक आम व्यक्ति ने ऐसा आत्मघाती कदम उठाया है।