AAP विधायक लालपुरा कैसे बरी हुए:सजा के बाद हुआ समझौता, हाईकोर्ट ने माना; टैक्सी ड्राइवर रहते युवती से मारपीट का आरोप

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 13 साल पुराने मामले में तरनतारन के खडूर साहिब से AAP विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा समेत सभी लोगों को बरी कर दिया है। हाईकोर्ट ने मारपीट और एससी-एसटी एक्ट मामले में तरनतारन कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया। कोर्ट ने 10 सितंबर 2025 को सुनवाई के दौरान विधायक समेत 12 लोगों को चार साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी हाईकोर्ट पहुंचे थे। जिस पर सोमवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी। मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पीड़ित पक्ष और दोषियों के बीच 4 फरवरी 2026 को आपसी समझौता हो चुका है। इसी समझौते को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब दोनों पक्ष विवाद को सुलझाने पर सहमत हैं, तो ऐसे में सजा को बरकरार रखने का औचित्य नहीं रह जाता। यह पूरा मामला 2013 का है। उस समय विधायक लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। उन पर शादी में आई युवती के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। युवती ने टैक्सी ड्राइवरों पर छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया था। जानिए पीड़िता ने विधायक पर क्या आरोप लगाए थे… पुलिस ने इन धाराओं में केस दर्ज किया था
इस मामले में SC/ST एक्ट की धारा 323, 324 व 354 का केस दर्ज हुआ था। कोर्ट ने विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के अलावा 5 पुलिसकर्मियों दविंदर कुमार, सारज सिंह, अश्वनी कुमार, तरसेम सिंह और हरजिंदर सिंह को भी दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद विधायक समेत 7 लोगों को अरेस्ट कर लिया गया था। हालांकि, कोर्ट ने गगनदीप सिंह और पुलिसकर्मी नरिंदरजीत सिंह और गुरदीप राज को ज्यूडिशियल हिरासत में नहीं भेजा था।

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