हरियाणा बैंकिंग फ्रॉड करने वाले आरोपियों को सीधा समझने का भूल एसीबी को महंगी साबित हो रही है। आरोपी एसीबी अधिकारियों को गलत जानकारी देकर उनका टाइम वेस्ट करने में जुटे हैं। रिमांड अवधि निकालने के लिए आरोपी लगातार ऐसे खेल अधिकारियों से करने में जुटे हैं। बैंकिंग फ्रॉड की जांच में जुटी SIT ने स्वीकार किया है कि आरोपियों ने उन्हें भ्रामक जानकारी दी है। टालमटोल वाले और झूठे जवाबों के कारण काफी समय खराब हुआ है। यहीं कारण है कि जांच में समय बढ़ता जा रहा है। हालांकि टीम को इसी ग्राउंड पर 2 दिन का रिमांड और दिया था। अब आरोपियों को आज कोर्ट में पेश करना है, लेकिन एसीबी को उसके सभी सवालों का जवाब नहीं मिला है। जिसके चलते एसीबी फिर से आज रिमांड की मांग कर सकती है। 9 विभागों का डेटा हो रहा मैच एसीबी को पिछले तीन-चार दिन के दौरान हरियाणा के 9 सरकारी विभाग का डेटा मिला है। जिसके मिलान का काम चल रहा है। जांच के दायरे में आए बैंक खातों के कॉल लॉग और ईमेल लॉग आंशिक रूप से प्राप्त हो चुके हैं और शेष रिकॉर्ड एक-दो दिन में प्राप्त होने की उम्मीद है। आरोपियों को अलर्ट, डेबिट लेनदेन की पुष्टि, स्टेटमेंट भेजने आदि के लिए उपयोग किए गए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के बारे में पूछताछ कराई जाएगी। यहां जानिए अधिकारियों को फांसने के लिए क्या व्यवस्थाएं… गिरफ्तार सुपरिटेंडेंट और कंपनी का कनेक्शन… अब जानिए फ्रॉड में किसकी क्या भूमिका…