ASI को गोली मारकर भाग रहे बदमाश का एनकाउंटर:मुजफ्फरपुर में पुलिस ने दौड़ाकर मारी गोली; खुद को घिरता देख फायरिंग करने लगा अपराधी

मुजफ्फरपुर में अपराधियों और पुलिस के बीच मंगलवार को मुठभेड़ हो गई। बेला थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस की टीम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में पुलिस टीम में शामिल ASI विकास कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। बदमाशों की गोलीबारी के बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में मुख्य आरोपी घायल हुआ है। जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि शातिर साइबर ठग पप्पू साहनी बेला थाना इलाके में मौजूद है। पप्पू साहनी पहले भी ATM धोखाधड़ी के कई मामलों में जेल जा चुका है और पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। जानकारी के बाद बेला थाना की टीम ने पप्पू साहनी को दबोचने के लिए घेराबंदी की थी। जैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, अपराधी ने खुद को घिरता देख फायरिंग शुरू कर दी। ASI के पेट में लगी गोली, सीवान के रहने वाले हैं बदमाशों की ओर से चलाई गई गोली बेला थाने में तैनात ASI विकास कुमार के पेट में जा लगी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। विकास कुमार मूल रूप से सीवान जिले के ऊंधा गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में बेला थाने में मुंशी का कार्यभार भी संभाल रहे थे। अपने साथी अधिकारी को गोली लगते देख पुलिस की टीम ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान पप्पू साहनी भागने लगा, तभी भीड़ ने उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई की। हालांकि पप्पू साहनी वहां से निकलने में कामयाब हो गया और पुलिस पर फायरिंग करने लगा। इस दौरान मुठभेड़ में कुख्यात पप्पू साहनी को भी गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे घायल हालत में दबोच लिया। घायल बदमाश से पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस हिरासत में लेकर पप्पू साहनी का इलाज करवा रही है। अस्पताल पहुंचे आला अधिकारी घटना की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर रेंज के DIG चंदन कुशवाहा, SSP कांतेश कुमार मिश्रा और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत निजी अस्पताल पहुंचे, जहां घायल ASI का इलाज चल रहा है। DIG चंदन कुशवाहा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस अपराधी को गिरफ्तार करने गई थी, इसी दौरान उसने हमला किया। घायल पुलिसकर्मी की स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। भाई पंकज साहनी संग मिलकर करता था साइबर फ्रॉड अपराधी पप्पू साहनी अपने भाई पंकज साहनी के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड की वारदात को अंजाम देता था। उत्तर बिहार के कई जिलों में एटीएम फ्रॉड से जुड़े करीब 50 कांडों में पप्पू साहनी और पंकज साहनी का नाम शामिल है। जानकारी के मुताबिक, पप्पू साहनी के भाई पंकज साहनी की Pankaj Managment Company (PMC) नाम की कंपनी थी, जो एटीएम क्योस्क संचालित करती थी। इसी दौरान दोनों भाइयों ने एटीएम फ्रॉड की योजना बनाई। सूत्रों के मुताबिक, पंकज की कंपनी इस काम की आड़ में हथियारों की तस्करी भी करती थी। पहली बार 17 जून 2020 को मुजफ्फरपुर के तत्कालीन SSP जयंतकांत ने इस गैंग का खुलासा किया था। उस दौरान करीब 33 लाख कैश, ज्वेलरी, कई हथियार बरामद किया गया था। पुलिस और अपराधी के बीच मुठभेड़ की आंखोंदेखी बेला थाना क्षेत्र में हुए एनकाउंटर के प्रत्यक्षदर्शी इरफान ने बताया कि पुलिस सिविल ड्रेस में आई थी और अपराधी को पकड़ लिया। इसी दौरान बदमाश ने फायरिंग की और भागने लगा। हालांकि, भाग रहे पप्पू साहनी को तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया। पप्पू साहनी को बाएं पैर के घुटने पर गोली लगी है। मुजफ्फरपुर SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस की गोली से घायल पप्पू साहनी के ऊपर मुजफ्फरपुर में करीब एक दर्जन कांड दर्ज हैं। घटनास्थल से हथियार रिकवर किया गया है और कई एटीएम भी बरामद हुआ है। अपराधी को पहले भी जेल भेजा जा चुका है। मुजफ्फरपुर के साथ-साथ उत्तर बिहार के कई जिलों से उसका अपराधी इतिहास खंगाला जा रहा है। 6 दिन पहले पटना पुलिस ने सूर्या डोन को गोली मारी थी पटना में 6 दिन पहले STF और अपराधियों की बीच मुठभेड़ हुई थी। इस एनकाऊंटर में राजीव कुमार ऊर्फ सूर्या श्री को गोली लगी। उसे NMCH में भर्ती कराया गया। राजीव पर लूट, डकैती, अवैध हथियार रखने, चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त, धोखाधड़ी और शराब तस्करी समेत 24 से अधिक केस दर्ज हैं। वो खाजेकला थाना इलाके का रहने वाला है। उस पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम रखा था। STF को सूचना मिली थी कि राजीव गायघाट इलाके में छिपा हुआ है और बड़ी वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहा है। STF और पटना पुलिस की टीम ने राजवी को घेर लिया। पूरी खबर पढ़िए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *