गुरदासपुर में पुलिस चौकी में ASI और होमगार्ड जवान के मर्डर के बाद एनकाउंटर में मारे गए गांव आदियां के आरोपी रणजीत सिंह, फरार इंद्रजीत सिंह और गांव अलीनंगल से गिरफ्तार दिलावर सिंह एक साथ थे। तीनों ने दिलावर सिंह के घर रात गुजारी थी। वारदात के समय उपयोग की गई बाइक दिलावर सिंह की थी। 19 साल के दिलावर सिंह और रणजीत सिंह हम उम्र होने के साथ-साथ दोस्त भी थे और एक साथ 12वीं पास की थी। जबकि मुख्य सरगना इंद्रजीत सिंह (जो अभी फरार है) और रणजीत सिंह गांव आदियां में एक ही गली के रहने वाले हैं। उधर, एनकाउंटर में मारे गए गांव आदियां के रणजीत सिंह के परिजनों और गांववासियों ने उसका पोस्टमार्टम करवाने और डेड बॉडी लेने से इंकार कर दिया है। परिवार ने कहा कि जब तक पुलिस रणजीत सिंह के पाकिस्तान संपर्क और वहां से मिले पैसों के सबूत पेश नहीं करती, तब तक वे डेड बॉडी नहीं लेंगे। परिवार का कहना है कि पुलिस ने अपने बचाव के लिए मेरे बेटे का झूठा एनकाउंटर कर दिया। वहीं, दिलावर सिंह के पिता सेना से रिटायर्ड नायक दिलबाग सिंह ने कहा कि मैं 15 साल जम्मू-कश्मीर में नौकरी कर चुका हूं। मेरा बेटा ऐसा नहीं कर सकता। पुलिस ने साजिश के तहत उसे फंसाया है। अगर मेरा बेटा कसूरवार है तो उसे मेरे सामने गोली मार दी जाए, लेकिन उसे झूठे केस में न फंसाया जाए। उन्होंने कहा कि बेटे को पैसों की कोई कमी नहीं थी और वह पैसों के लालच में नहीं आ सकता। वहीं बताया जा रहा है कि आज आरोपी का पुलिस पोस्टमॉर्टम करवाएगी। बता दें कि कुछ दिन पहले गुरदासपुर के गांव आदियां पुलिस चौकी में होमगार्ड के जवान अशोक कुमार और एएसआई गुरनाम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ASI की लाश कुर्सी पर और होमगार्ड की रजाई के भीतर मिली थी। जत्थेदार बोले- निष्पक्ष जांच होनी चाहिए एनकाउंटर को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने कहा कि निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून का शासन होना चाहिए। कानून के अनुसार अदालतें स्थापित हैं। किसी को भी इस तरह से चाहे कोई पुलिस अधिकारी को मारे, या कोई किसी सिविलियन को मारे, यह गलत है। कानून का शासन होना चाहिए, पुलिस का नहीं। इस मामले में पूरी तरह से जांच होनी चाहिए।
DIG की जुबानी, कत्ल की साजिश-एनकाउंटर की पूरी कहानी डॉक्टर बोले- 5 पुलिसकर्मी घायल हुए
सिविल अस्पताल गुरदासपुर के SMO ने बताया कि हमारे पास आज सुबह 5 पुलिस वाले एडमिट हुए हैं। एक पुलिस कर्मी सीआईए स्टाफ के गुरमीत सिंह को बांह में गोली लगी है। रणजीत सिंह को गोली लगने के कारण दाखिल करवाया गया था। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। 4 अन्य पुलिस वालों के माइनर इंजरी है। सभी घायल स्टेबल हैं। घायल पुलिस वालों की पहचान संदीप सिंह, बनारसी दास, निरंजन सिंह और सिमरनजीत सिंह के रूप में हुई है। जानिए ASI-होमगार्ड मर्डर में इससे पहले क्या हुआ… PAK बॉर्डर के पास चौकी में लाश मिली
गुरदासपुर में 22 फरवरी को आदियां पुलिस चौकी में ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार शामिल की लाश मिली थी। वह भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से महज डेढ़ किमी दूर है। दोनों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इसी पुलिस चौकी में थी। इनके अलावा कोई तीसरा यहां तैनात नहीं था। सरपंच ने पुलिस को सूचना दी
पुलिस की शुरुआती जांच के बाद वहां से करीब 4 खोल मिले। गांव के सरपंच से दोनों की मौत के बारे में पता चलते ही भारी पुलिस फोर्स वहां पहुंची। PAK बॉर्डर से नजदीक की चौकी में पुलिसकर्मियों की हत्या को लेकर BSF भी अलर्ट है। BSF के DIG एके विरदी ने चौकी पहुंचकर पूरे मामले के बारे में जानकारी ली थी। आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी ली
घटना के बाद शाम को ASI और होमगार्ड जवान जवान की मौत की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम के आतंकी संगठन ने ली है। संगठन की ओर से इसके लिए बाकायदा एक पोस्टर जारी किया गया, जिसमें लिखा है- आज 22 फरवरी 2026 को तड़के गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता हासिल हुई, जब तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया। तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। भविष्य में भारतीय सरकारी वर्दीधारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे हमले और भी तीव्र रूप से जारी रहेंगे। जनता को सलाह दी जाती है कि वे सेना, पुलिस और बीएसएफ बलों से इस्तीफा दे दें, अन्यथा उन्हें उनके घरों में निशाना बनाया जाएगा। हालांकि दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता। तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान की वायरल पोस्ट…. दूसरे दिन पाक डॉन ने कत्ल का वीडियो जारी किया
घटना के दूसरे दिन यानी 23 फरवरी पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने कत्ल का वीडियो जारी किया है। इसमें दिख रहा है कि ASI गुरनाम सिंह को सिर से सटाकर गोली मारी गई। ASI गुरनाम कुर्सी पर बैठे नींद में नजर आ रहे हैं। इसके बाद पिस्टल पर साइलेंसर लगाकर पॉइंट ब्लैंक रेंज से सिर में गोली मारी गई। गोली लगते ही ASI की आंखें खुलती हैं और फिर बंद हो जाती हैं। इसमें एक आरोपी गोली मार रहा है, जबकि दूसरा वीडियो बना रहा है। हालांकि, दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता। लॉरेंस गैंग ने आतंकियों को दी धमकी
इसके बाद उसी दिन यानी 23 फरवरी को ही इस मामले में लॉरेंस गैंग की भी एंट्री हो गई है। लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर हैरी बॉक्सर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हमारे देश के 2 काबिल व ईमानदार अफसरों को आतंकियों ने शहीद किया है। हम इसका बदला खून से लेंगे। तुमने 2 शहीद किए हैं, हम 10 मारेंगे। इन आतंकियों का साथ देने वाले गद्दार गैंगस्टरों का गला काटेंगे। 23 फरवरी का ही CM भगवंत मान ने दोनों के परिवार के लिए 2-2 करोड़ रुपए का ऐलान किया है। मान ने कहा कि सरकार उनकी कुर्बानी को सलाम करती है।