गुरदासपुर में ASI-होमगार्ड जवान के मर्डर के आरोपी युवक रणजीत सिंह के एनकाउंटर में हाईकोर्ट ने 2 हफ्ते में DGP गौरव यादव से जवाब तलब किया है। एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवालों की वजह से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान लेने के बाद गुरूवार को सुनवाई की। जिसमें DGP गौरव यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम आंखें बंद करके नहीं बैठ सकते। हालांकि इस दौरान पुलिस ने कहा कि हथियार की रिकवरी के वक्त उसके साथ 3-4 मुलाजिम गए थे। इस पर कोर्ट ने पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए कि हर एनकाउंटर की स्टोरी एक जैसी क्यों है। इस पर एडवोकेट तनु बेदी ने कहा कि नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक 34 एनकाउंटर हुए, सबकी कहानी एक जैसी ही है। सुनवाई के दौरान DGP ने कहा कि इस मामले में SIT बना दी गई है। वह सारे मामले की जांच कर रही है। यह मामला CJM गुरदासपुर के ध्यान में भी है। इस पर अदालत ने कहा कि हमें पूरे मामले की डिटेल रिपोर्ट चाहिए। जिसके बाद कोर्ट ने पुलिस को जवाब दाखिल करने के लिए 2 हफ्ते का टाइम दिया। कोर्ट ने कहा कि मृतक रणजीत सिंह 18-19 साल का बच्चा था। ऐसे में यह मामला काफी गंभीर है। हम इस मामले में आंखे बंद नहीं कर सकते है। इसलिए हमारी तरफ सू मोटो लिया गया है।अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपियों को सजा देना कोर्ट का काम होता है। पुलिस खुद कोर्ट न बने। अब मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी। वहीं मृतक युवक रणजीत सिंह की मां सुखजिंदर कौर भी हाईकोर्ट पहुंच गई हैं। उन्होंने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए रिटायर जज या CBI से पूरे मामले की जांच की मांग की है। इस पर कल सुनवाई होगी। बता दें कि रणजीत के परिवार का कहना है कि पुलिस वाले उसे घर से उठाकर ले गए और फिर थाने में टॉर्चर से उसकी मौत हो गई। इसके बाद इसे एनकाउंटर बनाने के लिए सारी कहानी रची गई। उनका कहना है कि उसके पाकिस्तानी लिंक बताए गए लेकिन उसे सिर्फ एक ही पुलिस की गाड़ी लेकर क्यों गई?। फिर वहां से फरार होने पर आधी रात को उसके पास बाइक कहां से आई। उसके पास तो कोई मोबाइल भी नहीं था कि वह किसी को कॉल कर अपनी मदद के लिए बुला सके। इस मामले में परिजन पहले पोस्टमॉर्टम न कराने पर अड़े रहे। मगर, कोर्ट के आदेश पर डॉक्टरों के बोर्ड के जरिए 7 दिन बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया। हालांकि परिजन अब अंतिम संस्कार न करने पर अड़ गए हैं।
जानिए ASI-होमगार्ड मर्डर में इससे पहले क्या हुआ… PAK बॉर्डर के पास चौकी में लाश मिली
22 फरवरी को आदियां पुलिस चौकी में ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की लाश मिली थी। वह भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से महज डेढ़ किमी दूर है। दोनों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इसी पुलिस चौकी में थी। इनके अलावा कोई तीसरा यहां तैनात नहीं था। सरपंच ने पुलिस को सूचना दी
पुलिस की शुरुआती जांच के बाद वहां से करीब 4 खोल मिले। गांव के सरपंच से दोनों की मौत के बारे में पता चलते ही भारी पुलिस फोर्स वहां पहुंची। PAK बॉर्डर से नजदीक की चौकी में पुलिसकर्मियों की हत्या को लेकर BSF भी अलर्ट है। BSF के DIG एके विरदी ने चौकी पहुंचकर पूरे मामले के बारे में जानकारी ली थी। आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी ली
घटना के बाद शाम को ASI और होमगार्ड जवान जवान की मौत की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम के आतंकी संगठन ने ली है। संगठन की ओर से इसके लिए बाकायदा एक पोस्टर जारी किया गया, जिसमें लिखा है- आज 22 फरवरी 2026 को तड़के गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता हासिल हुई, जब तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया। दूसरे दिन पाक डॉन ने कत्ल का वीडियो जारी किया
23 फरवरी को पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने कत्ल का वीडियो जारी किया है। इसमें दिख रहा है कि ASI गुरनाम सिंह को सिर से सटाकर गोली मारी गई। ASI गुरनाम कुर्सी पर बैठे नींद में नजर आ रहे हैं। इसके बाद पिस्टल पर साइलेंसर लगाकर पॉइंट ब्लैंक रेंज से सिर में गोली मारी गई। हालांकि, दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता। लॉरेंस गैंग ने आतंकियों को दी धमकी
इसके बाद उसी दिन यानी 23 फरवरी को ही इस मामले में लॉरेंस गैंग की भी एंट्री हो गई है। लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर हैरी बॉक्सर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हमारे देश के 2 काबिल व ईमानदार अफसरों को आतंकियों ने शहीद किया है। हम इसका बदला खून से लेंगे। तुमने 2 शहीद किए हैं, हम 10 मारेंगे। 23 फरवरी का ही CM भगवंत मान ने दोनों के परिवार के लिए 2-2 करोड़ रुपए का ऐलान किया है। मान ने कहा कि सरकार उनकी कुर्बानी को सलाम करती है। एनकाउंटर में एक ढेर, दूसर फरार, तीसरा गिरफ्तार
25 फरवरी को तड़के करीब 3 बजे पुलिस मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने रणजीत को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे हथियार की बरामदगी के लिए लेकर गए थे, लेकिन वहां SHO की गाड़ी पलटने से वह फरार हो गया। इसके बाद CIA की टीम ने उसे पुराना शाला इलाके में घेर लिया और फिर सुबह एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। उसका दूसरा साथी इंद्रजीत सिंह फरार हो गया। वहीं तीसरा आरोपी दिलावर सिंह पुलिस की गिरफ्त में है। DIG बोले- तीनों ISI हैंडलर्स के टच में थे
एनकाउंटर के बाद DIG संदीप गोयल ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने 4 लाख रुपए का लालच देकर यह मर्डर कराया। तीनों आरोपी, रणजीत सिंह, दिलावर सिंह और इंद्रजीत सिंह पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर्स के टच में थे। परिवार ने एनकाउंटर को फर्जी बताया
पुलिस के एक्शन पर रणजीत सिंह के परिवार ने सवाल उठाए और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगाए। रंजीत की मां सुखविंदर कौर ने कहा कि उनका बेटा निर्दोष है और पुलिसकर्मियों ने अपनी वाहवाही के लिए उसे झूठा फंसाया। उन्होंने कहा कि आज तड़के ही कुछ पुलिसकर्मी उनके घर आए और बेटे को जबरन उठा कर ले गए। कुछ देर बाद उसके एनकाउंटर की खबर मिली।