काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के बिड़ला-A हास्टल के पास शनिवार 21 फरवरी छात्र रौशन कुमार पर तीन नकाबपोशों ने फायरिंग की थी। छात्र की तहरीर पर तीन बाइक सवारों और दो अन्य के ऊपर नामजद एफआईआर की गई थी। इस घटना में डीसीपी काशी जोन ने जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। इसी क्रम में डीसीपी काशी जोन ने सीपी के निर्देश पर पाँचों नामजद अभियुक्तों को वांछित घोषित करते हुए सभी पर 25-25 हजार के इनाम घोषित किया है। बताया कुख्यात अपराधी डीसीपी काशी जोन द्वारा जारी लेटर में लिखा है कि निंम्नलिखित कुख्यात अपराधियों के बारे में किसी को सूचना मिले तो हमें संपर्क करें। डीसीपी काशी जोन ने बताया – वाराणसी में अपराध की रोकथाम के लिए वाराणसी पुलिस तत्पर है। इसी क्रम में शनिवार 21 फरवरी को बीएचयू में दो गुटों में लड़ाई और फायरिंग की सूचना मिली थी। इसपर एसीपी गौरव कुमार के साथ भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची थी। समझा-बुझाकर छुड़वाया था जाम इस दौरान पुलिस ने गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। जिसके बाद छात्रों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त किया था। डीसीपी ने बताया इस दौरान छात्रों की मिली तहरीर के आधार पर लंका थाने पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। जिसमें पांच को नामजद किया गया था। पांच में से तीन मौके पर थे बल्कि दो पर साजिश करने का आरोप लगाया था जांच के बाद इनाम घोषित डीसीपी ने बताया – मुकदमें में जांच के बाद आरोपी तपस राय, निवासी भभुआ, बिहार, अभिषेक उपाध्याय, कैमूर, बिहार, पीयूष कुमार निवासी रोहतास, बिहार, ऋषभ राय निवासी कैमूर, भभुआ बिहार और क्षितिज उपाध्याय रोहतास बिहार का रहने वाला है। इन सभी पर लंका थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 101/26 में धारा 109(1)और 61(1) 2A में मुकदमा दर्ज है। इन सभी पर जांच के बाद फरार घोषित करते हुए 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है। छात्रों को बीएचयू भी करेगा डिबार फायरिंग की घटना को विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई और जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम नामित की है। जो फायरिंग की घटना में शामिल छात्रों को चिह्नित करेगी साथ ही सुरक्षा में कहां-कहां चूक है। उसपर भी एक रिपोर्ट बनाकर कुलपति को प्रेषित करेगी। गलती निकलने पर सभी छात्र डिबार किए जाएंगे अब जानिए क्या है पूरा मामला… शनिवार 21 फरवरी को हुआ था हमला छात्र रौशन कुमार ने शनिवार को प्रॉक्टर कार्यालय में सूचना दी थी कि वह अपने बिरला छत्रावास के बाहर खड़ा था तभी डालमिया हास्टल की तरफ से तीन छात्र पल्सर बाइक से आये इसे लक्ष्य करके चार राउंड फायरिंग की थी । इसपर पूरे परिसर की घरबंदी की गयी थी। इसके बावजूद पल्सर सवार नहीं पकड़ा गया था। क्योंकि रौशन हड़बड़ाहट में उसका नंबर नहीं पढ़ पाया था। किसी भी छात्र को बक्शा नहीं जाएगा विश्वविद्यालय प्रशासन की माने तो – इस प्रकरण में विश्वविद्यालय ने सख्त कार्रवाई का रुख किया है। जो भी इसे शामिल है उसे बक्शा नहीं जाएगा। जिन लोगों का नाम इसमें आया है उन सभी का कैरेक्टर पता किया जा रहा है। जरा सी संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध विश्वविद्यालय प्रशासन भी FIR दर्ज कराएगा। साथ सभी छात्रों को जिनका नाम आएगा सामने उन्हें डिबार किया जाएगा। लग रहा संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी बीएचयू प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। बिरला A हास्टल लेन और धन्वंतरि छात्रावास के पूरे क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों के दायरे में लाया जा रहा है ताकि अपराधियों की गतिविधियों को ट्रैक किया जा सके। सुरक्षा तंत्र को और अधिक रिस्पांसिव बनाने के लिए ‘पैनिक बटन’ तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। प्रमुख चौराहों को सुरक्षित किया जा रहा है ताकि बाहरी तत्वों या संदिग्धों की आवजाहो रोको जा सके। प्राक्टोरियल बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि घटना को देखते हुए पुलिस व प्रशासन जांच कर रही है।