पंजाब पुलिस के DIG हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच लगातार तेज होती जा रही है। सीबीआई अगले महीने 15 दिसंबर से पहले भ्रष्टाचार मामले में उनकी चार्जशीट विशेष अदालत में दाखिल कर देगी। इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी भुल्लर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने भुल्लर के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार केस में चार्जशीट तैयार कर ली है। जल्द ही इसे सीबीआई की विशेष अदालत में दाखिल किया जाएगा। एजेंसी भुल्लर पर दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले की भी जांच अंतिम चरण में पहुंचा चुकी है। सीबीआई ने भुल्लर और बिचौलिए कृष्नु शारदा को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप डीलर आकाश बत्ता से 8 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। बैंक खाते और संपत्ति की जांच सूत्रों के मुताबिक ईडी ने भी सीबीआई की एफआईआर के आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।ईडी भुल्लर के बैंक खातों, लेन-देन और उनकी बेनामी संपत्तियों की जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भुल्लर के चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित घर पर छापेमारी की थी। जांच टीम को घर से साढ़े सात करोड़ रुपये नकद, ढाई किलो सोना और कई बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले थे। इन बरामदियों के बाद सीबीआई और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज कर लिया था। जानिए, CBI को पंजाब के अफसरों के बारे में क्या जानकारी मिली… DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले: CBI ने DIG भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक DIG भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर भूपिंदर सिंह के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला। जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे। CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे। बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले: CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्नु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। जिसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्नु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। जिसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था। CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्नु अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।