हरियाणा के कैथल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को बर्खास्त कर दिया गया है। शनिवार को SP उपासना सिंह ने बताया कि सुनील संधू ने DSP पर धमकाने के आरोप लगाए थे। उन्हें इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को करने के बजाए सोशल मीडिया पोस्ट की। इससे पुलिस विभाग की छवि खराब हुई। दूसरा, सुनील संधू नशा मुक्ति अभियान के दौरान नशे के साथ आरोपियों को पकड़ने के वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डालते थे, जो कि नियमों के खिलाफ है। अनुशासनहीनता को लेकर सुनील संधू पर कार्रवाई की गई है। 23 फरवरी को सुनील संधू ने फेसबुक पोस्ट कर कलायत DSP ललित यादव पर नशे के झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। संधू की इस पोस्ट के बाद SP उपासना सिंह ने गुहला DSP कुलदीप बेनीवाल को जांच सौंपी थी। इस विवाद के बाद 2 दिन पहले ही सुनील संधू समेत नशा मुक्ति टीम के 9 सदस्यों को लाइन हाजिर किया गया था। जिला पुलिस मुख्यालय की तरफ से कहा गया कि इन पुलिसकर्मियों ने अनुशासन और नियमों का पालन नहीं किया। सुनील संधू इस विवाद के बाद से बीमार चल रहे हैं। वह कैथल में ही एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। अब जानिए SP उपासना सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बताया…. 16 फरवरी की रेड के बाद विवाद SP उपासना सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सुनील संधू उनकी नशा मुक्ति टीम का सदस्य था। सिटी थाने के अंतर्गत टीम द्वारा 16 फरवरी को एक रेड की गई थी। सुनील संधू हेड कॉन्स्टेबल थे, फिर भी उन्होंने रेड के दौरान एनडीपीएस एक्ट के नियमों का पालन नहीं किया। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई मौके पर ही की जाती है। एंट्री करके रेड करने जाते हैं, जिसके बाद राजपत्रित अधिकारी के सामने तलाशी ली जाती है। वहां ऐसा नहीं हुआ, जिससे पूरा केस खराब हो गया और रेड असफल रही। संधू की वजह से रेड फेल हुई SP ने आगे बताया कि इसकी जांच DSP गुरविंद्र कर रहे थे कि नियमों का पालन क्यों नहीं हुआ। जांच का परिणाम निकला कि यह सुनील संधू की वजह से हुआ। जांच के दौरान DSP कलायत आए थे। 23 फरवरी को सुनील संधू की तरफ से DSP कलायत पर गंभीर आरोप लगाए गए। अगर सुनील संधू के साथ कुछ हुआ था, तो उन्हें सोशल मीडिया पर डालने की बजाय डिसिप्लिनरी फोर्स के पास जाना चाहिए था। उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया। सोशल मीडिया पर ट्रायल शुरू हुआ उन्होंने बताया कि सुनील संधू ने कलायत DSP पर जो आरोप लगाए थे, उसकी जांच गुहला DSP को दी गई थी। DSP ने संधू को जांच के लिए बुलाया, जिसके बाद संधू ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर स्टेटमेंट दी कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। ऐसा भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे अपने भाइयों को बुलाएंगे। ऐसे में भय का माहौल हो गया और जांच नहीं हो पा रही थी। सोशल मीडिया पर ट्रायल शुरू हो गया। डीएसपी ने लिखकर भेज दिया कि सोशल मीडिया पर माहौल खराब हो गया है। जांच कराने पर सामने आया कि संधू ने DSP कलायत पर तथ्यहीन आरोप लगाए थे। पुलिस के खिलाफ भ्रामक खबरें फैलाईं SP ने कहा कि सुनील ने वर्दी का दुरुपयोग किया। पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट हैं, लेकिन उन्होंने अपने फॉलोअर्स के लिए अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो अपलोड किए, जो नियमों के खिलाफ है। उसके बाद उन्होंने कहा कि वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। उन्होंने धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया। पुलिस के खिलाफ भ्रामक खबरें आईं। जानिए सुनील संधू ने पोस्ट में क्या लिखा था… प्रशासन के कहने पर अभियान चलाया सुनील संधू ने सोमवार रात 11:13 बजे फेसबुक पर एक पोस्ट की, जिसमें उन्होंने लिखा- “मैंने प्रशासन के कहने पर नशे के खिलाफ अभियान चलाया था। अब मुझे बहुत परेशान किया जा रहा है, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं सच का साथ दूं या झूठ का? मुझे धमकियां मिल रही हैं। मेरा साथ कौन देगा? DSP ललित यादव ने फंसाने की धमकी दी संधू ने आगे लिखा- मेरा भी परिवार है। मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं। और आज तो हद हो गई, कलायत DSP विकास ललित यादव ने मुझे झूठे केस में, स्मैक बेचने के केस में फंसाने की धमकी दी। एक उच्च अधिकारी के सामने, दोस्तों, क्या करूं? क्या न करूं, समझ से परे है। परिवार इजाजत नहीं दे रहा अगर मैं झूठ बोलूं। मैं भगत सिंह का वंशज हूं, मेरा जमीर मर जाएगा। झूठ बोलूं तो मेरा नार्को टेस्ट करवा लो। मैंने कभी जीवन में रिश्वत नहीं ली उन्होंने कहा कि मैंने कभी जीवन में कोई रिश्वत नहीं ली, न कभी किसी इंसान या मुलाजिम का बुरा चाहा। मेरे नौकरी के काल में या सार्वजनिक जीवन में कभी किसी से चाय तक पी हो तो सामने आओ, मुझे सजा दो। क्या करूं? क्या न करूं? समझ में नहीं आ रहा। काफी दिनों से चैन की नींद नहीं सो पाया। रात को चिट्टा बेचने वाले दिखते हैं, युवाओं की नसों में जहर घोलने वाले दिखते हैं। उनका नाश हो। अगर जीवन में कभी किसी का दिल दुखाया हो तो मुझे माफ करना। कैथल में ही रहते हैं सुनील संधू सुनील संधू अपने परिवार के साथ कैथल में ही रहते हैं। घर में उनकी पत्नी, 2 बच्चे और मां हैं। उनके पिता का निधन हो चुका है। वह कॉन्स्टेबल के तौर पर हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। इसके बाद वह हेड कॉन्स्टेबल प्रमोट हुए। वह मानवता विश्वास नाम के एक NGO से जुड़े हुए हैं। जिसके तहत वह गरीब लड़कियों की शादी करवाते हैं। इसके अलावा, बीमार लोगों के इलाज का खर्च भी उठाते हैं।