पंजाब पुलिस की वेबसाइट पर किसी केस की एफआईआर डाउनलोड करने पर 80 रुपये फीस लगाने के फैसले को सरकार ने वापस ले लिया है। इस संबंध में सरकार ने पहले जारी नोटिफिकेशन को भी रद्द कर दिया है और नए आदेश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, अभी यह आदेश पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है, क्योंकि अभी भी FIR डाउनलोड करने के लिए ऑनलाइन पेमेंट सांझ केंद्र की वेबसाइट पर दिखाई दे रहा है। इससे पहले यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। इस संबंध में वकीलों ने याचिका दायर कर इस फैसले को वापस लेने की मांग की गई थी। आदेश में यह कहा गया है सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि FIR डाउनलोड करने पर फीस लगने का फैसला वापस लिया जाता है। पंजाब सरकार के सुशासन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के आदेश के अनुसार, अब सांझ पोर्टल (Sanjh Portal) से FIR डाउनलोड करने के लिए कोई फीस नहीं लिया जाएगा। इसी तरह, सांझ केंद्रों (Sanjh Kendras) से FIR की प्रतियां प्राप्त करने के लिए भी आवेदकों से कोई फीस नहीं ली जाएगी। इस सेवा के लिए पहले जो 80 रुपये का सेवा शुल्क निर्धारित था, उसे तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। सरकार का आदेश अभी प्रभावी नहीं बुधवार, 25 मार्च की देर रात जारी सरकारी आदेश में कहा गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। हालांकि, सच्चाई यह है कि अभी भी सांझ पोर्टल पर फीस का ऑप्शन आ रहा है, जिसमें फीस भरकर ही आगे बढ़ा जा सकता है। वकील बोले- FIR एक पब्लिक दस्तावेज है, शुल्क गलत एडवोकेट अभिषेक मल्होत्रा और वासु रंजन शांडिल्य ने इस मामले में बुधवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि पंजाब पुलिस अपने सांझ पोर्टल/ऐप से FIR डाउनलोड करने के लिए 80 रुपये ले रही है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि नियमों के कानून कहता है कि FIR की कॉपी पीड़ित या शिकायत करने वाले को मुफ्त मिलनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट भी पहले कह चुका है कि FIR ऑनलाइन डालनी चाहिए, ताकि लोग उसे फ्री में देख और डाउनलोड कर सकें। पुराने पुलिस नियमों में भी लिखा है कि FIR की कॉपी के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। याचिका में यह भी कहा गया है कि पैसे लेना लोगों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है। क्योंकि, इससे गरीब लोगों को न्याय पाने में दिक्कत होती है। FIR एक पब्लिक दस्तावेज है, इसलिए इसे देखने या लेने के लिए अलग से पैसे नहीं लेने चाहिए। सरकारी ऑर्डर की कॉपी…