हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के सभी मेंबर्स आज चंडीगढ़ में इकट्ठा होंगे। यहां उनकी हरियाणा सिख ज्यूडिशरी आयोग में पेशी होनी है। इस पर सुनवाई कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा और पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल दोनों गुट की नजरें टिकी हैं। असल में, पिछले महीने 7 जनवरी को कमेटी ने अपना करीब 104 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट पास किया था। इस पर आपत्ति करते हुए दादूवाल ने आयोग में शिकायत डाली थी। दादूवाल ने कमेटी के प्रधान झींडा पर बगैर कोरम पूरा किए ही बजट पास करने का आरोप लगाया था। मेजॉरिटी नहीं होने का आरोप बलजीत सिंह दादूवाल ने बजट पास करने में कोरम यानी ⅔ की मेजॉरिटी नहीं होने का आरोप लगाया था। आरोप लगाया कि झींडा पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई पदाधिकारियों पर दबाव बनाकर साइन करवाए। यहां तक झींडा ने घर पर जाकर मेंबर्स के साइन करवाए थे। इस पर आयोग ने कमेटी के बजट पर रोक लगा दी थी। 36 मेंबर्स के समर्थन का दावा उधर, झींडा का कहना है कि हमें आयोग के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उनके पास 36 मेंबर्स का समर्थन है। कमेटी में कुल 40 संगत के चुनकर आए मेंबर्स हैं। उनके पास पूरा बहुमत है। पेशी के बाद 24 फरवरी को कैथल जिले के नीम साहिब गुरुद्वारे में अपने गुट के 36 मेंबर्स के साथ मीटिंग करेंगे। 2 बार रद्द हो चुका इजलास कमेटी की ओर से 18 फरवरी को इजलास बुलाया गया था, लेकिन झींडा ने दावा किया कि सभी मेंबर्स ने 20 फरवरी की पेश के बाद दोबारा इजलास बुलाने पर सहमति जताई थी। इसलिए इजलास को रद्द कर दिया था। इससे पहले 10 फरवरी को इजलास रखा गया था, लेकिन उस दिन भी इजलास को रद्द कर दिया गया था। दादूवाल पर फंड इकट्ठा करने के आरोप वहीं प्रधान झींडा ने बलजीत सिंह दादूवाल पर खुद को चेयरमैन बताते हुए संगत से फंड इकट्ठा करने के आरोप लगाए थे। झींडा ने चेतावनी दी थी कि दादूवाल को यह फंड कमेटी में जमा करवाना होगा, वरना उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दादूवाल सेवा के नाम पर पैसा इकट्ठा कर रहे हैं।