IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला, चंडीगढ़ में जांच के आदेश:सभी विभागों से मांगी लेन-देन की जानकारी, पूर्व ब्रांच हेड समेत 4 गिरफ्तार

हरियाणा में 590 करोड़ रुपए के IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (SVACB) ने कार्रवाई करते हुए पूर्व ब्रांच हेड समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बैंक के 2 पूर्व कर्मचारी और 2 निजी व्यक्ति शामिल हैं। वहीं चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने सभी विभागों से इस बैंक से जुड़े खातों और लेन-देन की पूरी जानकारी 2 दिन में मांगी है। ब्यूरो के डीजी एएस चावला ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिभव ऋषि, अभय कुमार, स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला के रूप में हुई है। रिभव ऋषि करीब 6 महीने पहले तक चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित बैंक शाखा के प्रमुख थे, जबकि अभय कुमार रिलेशनशिप मैनेजर थे और पिछले साल अगस्त में इस्तीफा दे चुके थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक दोनों इस घोटाले के कथित मास्टरमाइंड हैं। स्वाति सिंगला और उनके भाई अभिषेक सिंगला ‘स्वस्तिक देश प्रोजेक्ट’ नाम की फर्म चलाते हैं। स्वाति के पास कंपनी में 75 प्रतिशत और अभिषेक के पास 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। डीजी चावला ने बताया कि स्वाति, अभय कुमार की पत्नी हैं। जांच में सामने आया है कि करीब 300 करोड़ रुपए, यानी कुल राशि का आधे से ज्यादा हिस्सा, इसी फर्म के खाते में ट्रांसफर किया गया और बाद में आगे भेजा गया। 556 करोड़ रुपए बरामद हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बताया कि 590 करोड़ रुपए के इस मामले में 24 घंटे के भीतर 556 करोड़ रुपए, जिसमें 22 करोड़ रुपए ब्याज शामिल है, रिकवर कर लिए गए हैं। शेष राशि की जांच जारी है। अधिकारियों के मुताबिक बाकी रकम छोटे खातों से जुड़ी हो सकती है, जिनमें चंडीगढ़ प्रशासन से संबंधित खाते भी शामिल हैं। SIT गठित, कई धाराओं में केस इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी गंगा राम पुनिया की निगरानी में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है। केस भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश शामिल हैं, के तहत दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि बैंक की चंडीगढ़ शाखा के माध्यम से हरियाणा सरकार के कुछ खातों में अनियमितताएं हुईं। इससे पहले हरियाणा सरकार ने IDFC फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को सरकारी कामकाज से डि-एम्पैनल कर दिया है। हुड्डा ने की CBI जांच की मांग विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बैंक की ओर से कहा गया है कि यह धोखाधड़ी केवल हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों तक सीमित है और अन्य ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं है। फिलहाल मामले की मनी ट्रेल जांच जारी है और इसके लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की मदद ली जा रही है।

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