KGMU में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए काफी राहत भरी खबर है। KGMU के मरीजों को अब बाहर से दवाएं नहीं खरीदनी पड़ेंगी। यहां के डॉक्टर वहीं दवा लिखेंगे, जो KGMU HRF के सॉफ्टवेयर पर उपलब्ध होगी। पर्चे पर बाहर की दवा लिखी मिलेगी तो संबंधित विभाग के डॉक्टर के खिलाफ KGMU प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। इसके लिए KGMU HRF के सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दवा पर्चा प्रणाली को जल्द ही ऑनलाइन किया जा रहा है। इस व्यवस्था से डॉक्टर और दवा कंपनी के बीच कमीशन के कॉकस को भी खत्म करने की कोशिश है। लागू होने जा रही नई व्यवस्था KGMU में दवा पर्चा प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन किया जा रहा है,जिससे डॉक्टर अब बाहर की दवाएं नहीं लिख पाएंगे और न ही किसी एक कंपनी की दवाएं पर्चे पर दर्ज होंगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने पर मरीजों को सभी जरूरी दवाएं KGMU के HRF काउंटर से उपलब्ध हो सकेंगी। इसके अलावा कई बार डॉक्टरों की लिखावट स्पष्ट न होने से फार्मेसी स्टाफ को दवाओं के नाम या उनके साल्ट समझ नहीं आते हैं। कई बार डॉक्टर ऐसी दवाएं लिख देते हैं, जो HRF में मौजूद नहीं होती। ऐसे में मरीजों को मजबूरन बाहर से अधिक कीमत पर दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। 10 दिन में पूरी होगी प्रक्रिया KGMU के HRF अध्यक्ष कुमार शांतनु ने बताया कि इन समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए दवा पर्चा प्रणाली को जल्द ही ऑनलाइन किया जाएगा। सॉफ्टवेयर में HRF में मौजूद सभी दवाओं की सूची, उनके साल्ट पहले से दर्ज होंगे, जो डॉक्टर को अपने कंप्यूटर की स्क्रीन पर दिखाई देंगे। डॉक्टर उस सूची में से ही दवाओं का चयन करेंगे, वही दवाएं पर्चे पर लिखी जाएंगी। उन्होंने बताया कि HRF KGMU के नेक्स्ट जेन सॉफ्टवेयर पर मौजूद दवाओं की सूची को अपडेट किया जा रहा है। यह प्रक्रिया करीब 10 दिन में पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद OPD में कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाएंगे।