NEET रेप-मौत केस: मनीष रंजन की बेल पर आज सुनवाई:46 दिन से बेउर जेल में बंद, SIT ने कहा था- हमें इनकी जरूरत नहीं

पटना में NEET छात्रा रेप-मौत मामले में आज बिल्डिंग के मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। मनीष रंजन को अभी तक कोर्ट से जमानत नहीं मिली है। इसके पहले शनिवार को हियरिंग हुई थी, जो 2 घंटे तक चली। इसके बाद कोर्ट की ओर से अगली सुनवाई की डेट 2 मार्च को किए जाने की बात कही गई। शनिवार की सुनवाई में CBI को कोर्ट ने फटकार लगाई थी। CBI से पूछा था कि आपने पॉक्सो क्यों नहीं लगाया? 17 जनवरी तक केस की जांच चित्रगुप्त नगर की तत्कालीन थानेदार रौशनी कर रही थी, फिर SIT ने जांच की। इसके बाद 12 फरवरी को CBI ने 307 का केस दर्ज किया। CBI को जांच करते हुए 15 दिन हुए। कोर्ट ने पूछा कि मनीष रंजन को लेकर अब तक आपने क्या जांच की? क्या आपको मनीष रंजन की जरूरत है? आपने अपने केस में तो पॉक्सो एक्ट लगाया नहीं है। आपके पास तो अटेंप्ट टू मर्डर का केस है। इस पर आप जवाब दीजिए कि मनीष रंजन की जरूरत आपको है या नहीं? SIT से भी यही सवाल कोर्ट ने पूछा। कोर्ट ने कहा कि मनीष पर आरोप क्या है? इसके खिलाफ सबूत क्या है? SIT ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ये प्रभावशाली व्यक्ति हैं। इस वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अब हमें इनकी जरूरत नहीं है। क्योंकि, अब जांच CBI कर रही है। सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार भी मौजूद था। रौशनी और SIT के बयान अलग-अलग थे कोर्ट ने केस चित्रगुप्त नगर की तत्कालीन थानेदार और शुरुआत में IO रही रौशनी कुमारी से कई सवाल पूछे। उनसे पूछा गया कि आपने कितनी तारीख तक केस की जांच की? मनीष रंजन पर क्या आरोप है? इसके खिलाफ क्या सबूत मिले? आपने अपनी जांच में क्या-क्या जब्त किया? सबूतों को 24 घंटे में कोर्ट में क्यों नहीं पेश किया? रौशनी ने छात्रा का मोबाइल और हॉस्टल का DVR जब्त किया था। कोर्ट ने पूछा कि इसे आपने अपने पास क्यों रखा? FSL जांच क्यों नहीं कराई? कोर्ट से इसकी अनुमति क्यों नहीं ली? अपना पक्ष रखते हुए रौशनी ने कहा कि मैंने सभी चीज SIT को 17 जनवरी को सौंप दिया था। मौके पर ही SIT ने कहा कि नहीं, हमें 24 जनवरी को मिला था। दोनों के बयान मेल नहीं खाए। पीड़ित पक्ष ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इन लोगों ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ किया है। SIT को लीड कर सचिवालय SDPO-1 डॉ. अन्नू कुमारी से भी सवाल किया गया है। मनीष रंजन कब-कहां थे? वो बिहार से बाहर कब गए? उन्हें कब पकड़ा? उनका स्टेटमेंट क्या था? सवालों का जवाब देते हुए कोर्ट को डॉ. अन्नू ने बताया कि CDR खंगाला गया है। उससे इनके लोकेशन को मिलाया गया है। स्टाफ बोली- बेहोश थी, शरीर पर खरोंच थे पटना में NEET छात्रा मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम शुक्रवार को प्रभात अस्पताल पहुंची थी। एक महिला स्टाफ से 5 घंटे तक पूछताछ भी की। सीबीआई ने पूछा कि जब छात्रा हॉस्पिटल आई, तो उसकी क्या हालत थी। क्या देखा उस वक्त? महिला स्टाफ ने कहा, वह बेहोशी की हालत में थी? उसके शरीर पर खरोंच के निशान थे। महिला स्टाफ ने यह भी कहा था, अस्पताल में यह चर्चा चल रही थी कि उसके साथ घिनौनी हरकत हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके साथ दुष्कर्म की बात लिखी गई है। अस्पताल ने उसके मौत की वजह नशीली दवा के ओवरडोज की बात लिखी थी। यह कैसे लिखी गई और क्यों लिखी गई, इसका जवाब तो लैब के स्टाफ देंगे। महिला स्टाफ ने आगे कहा कि, ‘यह हम कैसे कह सकते हैं कि रिपोर्ट बदला गया या नहीं?’ डॉक्टर सतीश के बारे में नहीं हुई पूछताछ मीडिया से बात करते हुए महिला स्टाफ ने कहा था, इस पर सीबीआई जांच करे? मैं सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग करूंगी। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या अस्पताल के डॉक्टर सतीश के बारे में भी पूछताछ हुई तो उस पर महिला स्टॉफ कहा कि डॉक्टर सतीश के बारे में कोई पूछताछ नहीं की गई। कोर्ट ने सीबीआई को शॉ कॉज किया था इस मामले में पटना पुलिस ने हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके बाद किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। 26 फरवरी को भी मनीष के बेल पर सुनवाई हुई, लेकिन बेल नहीं मिली। कोर्ट ने सीबीआई को शो कॉज करते हुए पूछा था कि जब पॉक्सो कोर्ट में केस चल रहा है तो फिर अलग से एफआईआर क्यों की। पॉक्सो कोर्ट ने जांच में लापरवाही को लेकर सख्त टिप्पणी की थी। कोर्ट ने पटना पुलिस और CBI को काफी फटकार लगाई थी। साथ ही इन्हें वो पूरी चेन बनाकर लाने का निर्देश दिया गया था, जिन लोगों से इन्होंने अब तक पूछताछ किए और जिनका बयान दर्ज किया था। करीब 46 दिनों से बेऊर जेल में बंद है मनीष मनीष रंजन पिछले करीब 46 दिनों से पटना के बेऊर जेल में बंद है। शम्भू गर्ल्स हॉस्टल जिस बिल्डिंग में चला करता था, ये उसी का मालिक है। नीट छात्रा रेप-मौत मामले में बवाल बढ़ने के बाद पटना पुलिस ने इसके खिलाफ कार्रवाई की थी। 14 जनवरी को पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश करने पर वहां से मनीष को ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया था। तब से वो जेल में ही बंद है। परिवार का दावा- मुख्य साजिशकर्ता है मनीष रंजन पिछली सुनवाई की तरह आज भी छात्रा का परिवार कोर्ट में मौजूद रहेगा। अपने वकील के माध्यम से परिवार ने मनीष के जमानत याचिका का विरोध किया था। कोर्ट को बताया था कि छात्रा के साथ जो घटना हुई, उसका मुख्य साजिशकर्ता मनीष रंजन ही है। इसे जमानत नहीं मिलनी चाहिए। इस बार भी कोर्ट में परिवार की कोशिश होगी कि जब सुनवाई शुरू हो तो वकील के जरिए जमानत का विरोध करेंगे। इसके लिए उनके वकील अपनी तरफ से ठोस आधार रखने की कोशिश करेंगे।

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