पंजाब से पाकिस्तान जाकर इस्लाम कबूल करने और नासिर हुसैन से निकाह करने वाली सरबजीत कौर उर्फ नूर फातिमा ने एक इंटरव्यू में अपनी पूरी कहानी बताई। सरबजीत कौर ने खुलासा किया कि उसकी और नासिर हुसैन की बातचीत 2016 में फेसबुक के जरिए शुरू हुई थी, जो बाद में दोस्ती से प्यार में बदल गई और 2025 के अंत तक शादी कर ली। सरबजीत ने बताया कि उसका पति 22 साल से यूके में है और वह मोबाइल अपने बच्चों से छिपाकर रखती थी। वह पहली बार ननकाना साहिब गई थी और 4 नवंबर को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान पहुंची। सरबजीत ने यह भी कहा कि उसने अपनी इच्छा से इस्लाम कबूल किया और किसी के दबाव में कोई फैसला नहीं लिया। वहीं वकील ने भी वीजा, जांच और कानूनी प्रक्रिया को लेकर चल रही खबरों पर सफाई दी। इंटरव्यू के दौरान सरबजीत कौन ने अपने परिवार, बच्चों, पाकिस्तान पहुंचने, निकाह और वायरल ऑडियो से जुड़े सवालों के जवाब देते हुए कई बातों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट…. सरबजीत की जुबानी प्यार से लेकर पाक पहुंचने तक की कहानी सवाल: आपकी मुलाकात कैसे हुई? किस साल से आप पंजाब में रहकर बातचीत कर रही थीं? इश्क की कहानी कब शुरू हुई?
जवाब: 2016 में हमारी बातचीत शुरू हुई। फेसबुक के जरिए संपर्क हुआ। 2025 के अंत तक हमने शादी कर ली। सवाल: क्या आप पहले भी ननकाना साहिब गई थीं? क्या पहले मुलाकात हुई थी?
जवाब: नहीं, मैं पहली बार ननकाना साहिब गई थी। सवाल : कुछ दिन पहले खबरें चली थीं कि आपको वापस भेजा जा रहा है?
जवाब (वकील): ऐसा कुछ नहीं था। वीजा एक्सटेंशन नहीं हुआ था, इसलिए पाकिस्तानी एजेंसियों को जांच करनी थी। जांच के बाद हमने याचिका दायर की कि इन्हें डिपोर्ट न किया जाए। बाद में कानूनी दस्तावेज पूरे किए गए और शेल्टर होम से रिहा कर दिया गया। सवाल: आपकी प्रेम कहानी कैसे शुरू हुई?
जवाब: पहले दोस्ती थी, बाद में प्यार में बदल गई। सवाल: उस समय आपके पति कर्नेल सिंह आपके साथ थे?
जवाब: कर्नेल सिंह 22 साल से यूके में रहते हैं। सवाल: क्या घर में किसी को पता था? आपके बेटे ने कहा कि आपको फोन चलाना या मैसेज करना भी नहीं आता था, फिर फेसबुक चैट कैसे की?
जवाब: मैं फेसबुक से टिकटॉक पर आई। बच्चों से छुपाकर फोन रखा हुआ था। सवाल: आपके कितने बच्चे हैं?
जवाब: दो बेटे हैं। सवाल: लोग कह रहे हैं कि आपने पंजाब में बसता-हंसता परिवार छोड़ दिया, गुरुओं की धरती का गलत इस्तेमाल किया। क्या आपको शर्म नहीं आती?
जवाब: शर्म तो उन लोगों को आनी चाहिए। मैं किसी गलत रिश्ते में नहीं हूं। मैंने शादी की है। मैं गुरुओं-पीरों की धरती पर शादी करके आई हूं। मैंने कोई गलत कदम नहीं उठाया। सवाल: आपने कहा कि मुस्लिम बनकर आपको सुकून मिल रहा है। क्या आपको अपनी पुरानी धरती या गुरबाणी से सुकून नहीं मिला?
जवाब: सिख धर्म और इस्लाम एक ही हैं। अल्लाह एक ही हैं। गोल्डन टेंपल की नींव भी एक मुस्लिम ने रखी थी। सवाल: आपकी एक ऑडियो वायरल हुई थी, जिसमें आप कह रहे थे कि आप एक आपत्तिजनक वीडियो डिलीट करवाने गए थे। क्या इस बात में कोई सच्चाई है? और क्या यह सही है कि नासिर हुसैन की बहन ने आपको पीटा?
जवाब: नहीं, ऐसी कोई बात नहीं। जो भी किया, मैंने अपनी मर्जी से किया। मैंने अपनी इच्छा से इस्लाम कबूल किया। सवाल: जो ऑडियो वायरल हुई थी, वह कहां से आई?
जवाब: मुझे नहीं पता, किसी ने बना ली होगी। सवाल: जब आप ननकाना साहिब पहुंचीं तो नासिर कैसे मिला? कौन-कौन पंजाब से आपके साथ गया था?
जवाब: जिस दिन मैं आई, किसी रिश्तेदार या बच्चों को पता नहीं था। मेरा 13 दिन का वीजा लगा था, गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर 4 नवंबर को वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान पहुंची। वहां पहुंचकर मोबाइल का वाई-फाई ऑन किया, फिर संपर्क हुआ। सवाल: क्या आप शेखूपुरा से फरार हुई थीं?
जवाब (वकील): ये फरार नहीं थीं। वीजा एक्सटेंशन की अर्जी दी गई थी।
इस दौरान सरबजीत ने खुद कहा कि वह 4 नवंबर को पहुंचीं और 5 नवंबर को ही कोर्ट में पेश हो गई थीं। बाद में हाई कोर्ट में भी दस्तावेज जमा किए गए। फरार होने की बात गलत है। सवाल: क्या आपको परिवार की याद आती है?
जवाब: नहीं। ******************* ये खबर भी पढ़ें: पाकिस्तान गई पंजाबी महिला ने नाम बदलकर निकाह किया: अटारी बॉर्डर से गई थी, खाली इमिग्रेशन फॉर्म से बढ़ा शक; तलाश में जुटी थी एजेंसियां पाकिस्तान दर्शन के लिए गए भारतीय सिख श्रद्धालुओं के जत्थे से कपूरथला की महिला सरबजीत कौर की गैरमौजूदगी का मामला अब स्पष्ट हो गया है। शुरुआती तौर पर सरबजीत के लापता होने की सूचना मिली थी, लेकिन जांच में पता चला है कि वे अब लापता नहीं, बल्कि उन्होंने पाकिस्तान में अपना नाम बदलकर नूर हुसैन के नाम से निकाह कर लिया है। (पढ़ें पूरी खबर)