कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री (RCF) में बुधवार को एक नवनिर्मित MEMU रेक टेस्टिंग के दौरान अनियंत्रित हो गया। इस घटना में रेक का ड्राइविंग मोटर कोच (DMC) पटरी से उतर गया, जिससे करोड़ों रुपये की रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। तकनीकी लापरवाही के कारण हुई घटना, कोई हताहत नहीं जानकारी के अनुसार, तकनीकी लापरवाही के कारण रेक अनियंत्रित होकर कोच कंप्लीशन शॉप से गुजरते हुए रास्ते में लगे दो भारी लोहे के गेटों को तोड़ता हुआ वेस्ट कॉलोनी की मुख्य लाइन की ओर बढ़ गया। इसी दौरान जोरदार टक्कर से रेक का DMC पटरी से उतर गया।
जिम्मेदार अधिकारियों और पर्यवेक्षकों पर सख्त कार्रवाई की मांग महासचिव सर्वजीत सिंह ने चेतावनी दी कि यदि इस घटना से सबक लेकर तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो इसे अधिकारियों द्वारा जानबूझकर सुरक्षा से समझौता माना जाएगा। यूनियन ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों और पर्यवेक्षकों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए, संबंधित निजी कंपनी का टेंडर तत्काल रद्द किया जाए, और टेस्टिंग व शंटिंग जैसे कार्यों में आउटसोर्सिंग पूरी तरह बंद कर केवल अनुभवी नियमित कर्मचारियों को तैनात किया जाए। जानमाल का नुकसान नहीं, आरसीएफ ने हादसे की जांच के दिए आदेश प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना गंभीर था कि उसी समय वहां से गुजर रही एक कार सवार बाल-बाल बच गई। यदि रेक और आगे बढ़ जाता, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। RCF के सीपीआरओ अमन कुमार ने बताया कि घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हादसे की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरसीएफ एम्प्लॉइज यूनियन प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप घटना के बाद आरसीएफ एम्प्लॉइज यूनियन के अध्यक्ष अमरीक सिंह और महासचिव सर्वजीत सिंह ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की अंधाधुंध आउटसोर्सिंग और निजीकरण की नीतियां इस हादसे की मुख्य वजह हैं। यूनियन का कहना है कि संवेदनशील तकनीकी कार्यों में भी अप्रशिक्षित ठेका कर्मचारियों को लगाया जा रहा है, जिनके पास पर्याप्त तकनीकी कौशल और सुरक्षा मानकों की समझ नहीं है।