‘SSP पटना मेरी सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे’:पप्पू यादव ने पूछा-मुझसे कैसी घृणा, क्या बिहार आना गुनाह; BMP जवानों को वापस बुलाने का आरोप

नीट छात्रा रेप-मौत मामले को लेकर लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने अब अपनी सुरक्षा पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने पटना के पुलिस अधीक्षक यानि SSP पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि, ‘SSP पटना चाहते हैं कि मैं लोगों की सेवा और मदद के लिए बिहार न आऊं। मेरी Y श्रेणी सुरक्षा में तैनात BMP जवानों को फोन कर वापस बुलाया जा रहा है। मुझसे कैसी घृणा है? माफिया मुझसे परेशान हैं और SSP उनकी राह आसान कर रहे हैं।’ फेसबुक लाइव में पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला गुरुवार रात पप्पू यादव ने फेसबुक लाइव आकर भी बिहार पुलिस प्रशासन पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, ‘राज्य में लगातार बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं और नीट छात्रा के मामले में सच्चाई दबाने की कोशिश की जा रही है।’ सांसद ने दावा किया कि, ‘उन्होंने छात्रा का शैक्षणिक रिकॉर्ड देखा है- 10वीं में 84%, 12वीं में 64% और नीट में 384 अंक।’ उन्होंने कहा कि, ‘ऐसी प्रतिभावान छात्रा को “पढ़ाई में कमजोर” बताकर बदनाम किया जा रहा है।’ पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि, ‘पीड़िता के परिवार को दो-दो बार धमकी मिली और जब परिवार ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल के खिलाफ केस दर्ज कराया तो जांच को भटकाने की कोशिश की गई।’ उन्होंने हॉस्टल की मालिक नीलू अग्रवाल और उनके बेटे अंशु अग्रवाल का नाम लेते हुए कार्रवाई की मांग की। गिरफ्तारी और जांच पर उठाए सवाल पूर्णिया सांसद ने सिटी एसपी पूर्वी और एसएसपी पटना से पूछा कि, ‘मनीष नामक व्यक्ति को किस आधार पर और किस धारा में गिरफ्तार किया गया।’ उन्होंने सवाल किया कि, ‘नीलू अग्रवाल को अब तक जेल क्यों नहीं भेजा गया, जबकि वह अस्पताल भी गई थीं।’ पप्पू यादव ने कहा कि ‘वार्डन और गार्ड इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी हैं।’ उन्होंने दावा किया कि ‘घटना रात 10 बजे के बाद और सुबह 4 बजे के बीच हुई।’ उनके अनुसार, ‘वार्डन और गार्ड की भूमिका संदिग्ध है और घटना छात्रा के बेड के नीचे या चौथी मंजिल पर हुई हो सकती है।’ अस्पताल पर भी गंभीर आरोप पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि, ‘छात्रा को अस्पताल में मार दिया गया।’ उन्होंने कहा कि, ‘प्रभात मेमोरियल और अन्य अस्पतालों में उसे कई इंजेक्शन दिए गए।’ उनका दावा है कि ‘बिना माता-पिता की अनुमति के प्रेग्नेंसी की जांच की गई।’ उन्होंने पूछा कि ‘क्या कानून इसकी अनुमति देता है? उन्होंने डॉक्टरों, वार्डन, गार्ड और अन्य संबंधित लोगों के मोबाइल कॉल डिटेल्स सार्वजनिक करने की मांग की। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि, ‘एक नर्स ने उन्हें सच्चाई बताई, जिसके बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया।’ उनका कहना है कि ‘करोड़ों रुपये देकर इस केस को दबाने की कोशिश हो रही है।’ CBI जांच और साक्ष्यों पर सवाल पप्पू यादव ने पूछा कि, ‘छात्रा की मूल डायरी CBI को क्यों नहीं सौंपी गई और केवल फोटो कॉपी क्यों दी गई।’ उन्होंने परिवार को पूरी सीसीटीवी फुटेज और हार्ड डिस्क उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही कहा कि ‘सभी डॉक्टरों को एक साथ बुलाकर यह स्पष्ट किया जाए कि दुष्कर्म हुआ या नहीं।’ आत्महत्या नहीं, यह सुनियोजित हत्या- पप्पू यादव इससे पहले भी सांसद फेसबुक लाइव में इस घटना को आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि ‘वह इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे और किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे।’ उन्होंने बिहार के गृह मंत्री से भी सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। नीट छात्रा रेप-मौत मामले में पप्पू यादव के लगातार हमलों और गंभीर आरोपों के बाद अब सभी की नजर पुलिस और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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