अखिलेश और राहुल गांधी के पुतले जलाने पर भड़के समर्थक:झांसी में कहा-दो दिन में FIR नहीं हुई तो हर गली-गांव में जलाएंगे मोदी-योगी के पुतले

झांसी में पुतला दहन को लेकर शुरू हुआ सियासी विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा द्वारा अखिलेश यादव और राहुल गांधी के पुतले जलाए जाने के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसके विरोध में सपा की युवजनसभा और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता उसी बीकेडी चौराहे पर पहुंच गए, जहां पहले भाजपा ने प्रदर्शन किया था।
हालांकि माहौल तनावपूर्ण हो गया था और कार्यकर्ता योगी आदित्यनाथ का पुतला दहन करने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस की तत्परता के चलते स्थिति बिगड़ने से बच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर कार्यकर्ताओं को शांत कराया और पुतला दहन रुकवा दिया। विरोध की वजह जान लें…
दरअसल, महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव के पारित न होने पर भाजपा लगातार कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों को “महिला विरोधी” बताते हुए प्रदर्शन कर रही है। इसी क्रम में शहर के विभिन्न इलाकों में विपक्षी नेताओं के पुतले जलाए जा रहे हैं। बुधवार को बीकेडी चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा और कांग्रेस के झंडों के साथ अखिलेश यादव और राहुल गांधी के चित्र लगे पुतलों को आग के हवाले कर दिया। इसके वीडियो जैसे ही विपक्षी समाजवादी युवजनसभा और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं तक पहुंचे, उनमें नाराजगी भड़क उठी। पुतला लेकर पहुंचे, लेकिन जलाया नहीं
सपा युवजनसभा के नेता विश्व प्रताप सिंह और यूथ कांग्रेस के नेता गौरव जैन दर्जनों समर्थकों के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ का पुतला लेकर मौके पर पहुंचे। लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने पुतला दहन नहीं किया और उसे पुलिस को सौंप दिया। दो दिन का अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को साफ चेतावनी दी है कि अगर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दो दिन के भीतर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। गौरव जैन और विश्व प्रताप सिंह ने कहा कि हमने पुलिस के आश्वासन पर भरोसा करते हुए पुतला दहन नहीं किया है। लेकिन अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो झांसी की हर गली और गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुतले जलाए जाएंगे। बढ़ सकता है सियासी टकराव
इस पूरे घटनाक्रम के बाद झांसी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक तरफ भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को घेर रही है, तो वहीं विपक्षी दल इसे राजनीतिक उकसावे की कार्रवाई बता रहे हैं।
राजनीति के जानकारों की माने तो आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है, जिससे शहर में राजनीतिक टकराव बढ़ने की आशंका भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *