पंजाब के फाजिल्का के उपमंडर अबोहर के कंधवाला रोड स्थित चौधरी कॉलोनी में मंगलवार रात हुई एक जघन्य हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। लूट के इरादे से हुई इस हत्या ने पुलिस के दावों की पोल खोल दी। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने दोषियों को पकड़े जाने तक शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि मृतक राम कुमार पुत्र भिखारी लाल पर अज्ञात हमलावरों ने उस समय ईंटों से हमला किया, जब वे अपने घर के पास थे। बताया जा रहा है कि हमलावरों का मकसद लूटपाट करना था। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में मातम और मोहल्ले वासियों में भारी रोष है। पुलिस ने फिलहाल मृतक के बेटे के बयानों के आधार पर 6-7 अज्ञात युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। इंसाफ के लिए सड़क पर उतरे लोग, पुलिस पर लगाए आरोप इंसाफ की मांग को लेकर मृतक के परिजनों और चौधरी कॉलोनी के निवासियों ने कंधवाला रोड पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे अनिल कुमार और अन्य मोहल्ला वासियों ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रही है। परिजनों का दावा है कि उन्होंने जिन संदिग्धों के नाम पुलिस को दिए थे, उन्हें एफआईआर में शामिल नहीं किया गया। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने जिस एक युवक को हिरासत में लिया है, वह थाने के भीतर मोबाइल इस्तेमाल कर रहा है और सोशल मीडिया पर स्टेटस डाल रहा है।
नशेड़ियों की गुंडागर्दी और सुरक्षा पर उठे सवाल धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने इलाके में बढ़ते नशे और अपराध पर गहरी चिंता जताई। लोगों का कहना है कि चौधरी कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में नशेड़ियों का आतंक इतना बढ़ गया है कि अब लोग शाम के बाद बाहर निकलने से डरने लगे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जो भी इन शरारती तत्वों का विरोध करता है, उस पर जानलेवा हमला किया जाता है। उन्होंने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पर इन असामाजिक तत्वों को शह देने का भी गंभीर आरोप लगाया। तीन दिन बीतने के बाद भी राजनीतिक अनदेखी से नाराजगी मृतक के परिवार ने इस बात पर भी गहरा दुख जताया कि वारदात को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन किसी भी स्थानीय नेता या जनप्रतिनिधि ने उनकी सुध नहीं ली है। उनका कहना है कि चुनाव के समय वोट मांगने आने वाले नेता आज इस दुख की घड़ी में गायब हैं। इसी अनदेखी और पुलिस की सुस्त कार्रवाई से नाराज होकर परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सभी असली हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे न तो शव का पोस्टमार्टम करवाएंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे। प्रशासनिक आश्वासन बनाम प्रदर्शनकारियों की चेतावनी चक्का जाम की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच जारी है और दोषियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। कंधवाला रोड पर घंटों लगे जाम के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गतिरोध को तोड़ने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।