आजम खान और बेटे अब्दुल्ला की सजा 3-3 साल बढ़ी:10-10 साल जेल में काटेंगे, सरकार की याचिका पर रामपुर कोर्ट का फैसला

सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को अब 10-10 साल की सजा काटनी होगी। शनिवार को रामपुर MP/MLA कोर्ट ने फर्जी पैन कार्ड मामले में दोनों की 7-7 साल की सजा को 3-3 साल और बढ़ा दिया। कोर्ट ने दोनों पर 5-5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। 17 नवंबर, 2025 को इसी मामले में MP/MLA कोर्ट ने आजम और अब्दुल्ला को 7-7 साल की सजा सुनाई थी। 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। तभी से दोनों रामपुर जेल में बंद हैं। इसी बीच 5 मई, 2026 को यूपी सरकार की ओर से एडीजीसी सीमा राणा ने सजा बढ़ाने के लिए कोर्ट में अपील दायर की थी। उनका तर्क था कि यह मामला केवल दस्तावेजी गड़बड़ी का नहीं, सरकारी पहचान पत्र के दुरुपयोग और फर्जीवाड़े से जुड़ा गंभीर अपराध है। इसलिए दोनों को उम्रकैद की सजा दी जाए। एक हफ्ते पहले ही रामपुर MP/MLA कोर्ट ने आजम खान को कलेक्टर-फलेक्टर तनखैया बयान पर 2 साल की सजा सुनाई थी। FIR कराने वाले भाजपा विधायक बोले- फैसले से खुश हूं रामपुर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में अब्दुल्ला पर दो PAN कार्ड रखने के आरोप में सिविल लाइन थाने में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद आजम खान का नाम जोड़ा था। फैसला आने पर आकाश सक्सेना ने कहा- यह फैसला ऐतिहासिक है। हिंदुस्तान में यह पहली बार है, जब ऐसे मामले में सजा बढ़ाई गई। मैंने कोर्ट से अधिकतम सजा की अपील की थी। कोर्ट ने सजा बढ़ाई, मैं इस फैसले से खुश हूं। सरकारी वकील सीमा राणा ने कहा- दो पैन कार्ड मामले में सरकार की सजा बढ़ाने की अपील पर फैसला आया है। हालांकि, हमने आजीवन कारावास की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 3-3 साल की सजा बढ़ाई है। हम इस फैसले से संतुष्ट हैं। गलती पर गलती करते रहे आजम और अब्दुल्ला आजम खान 2017 में अखिलेश सरकार में नगर विकास मंत्री थे। विधानसभा चुनाव में रामपुर की स्वार सीट से बेटे अब्दुल्ला को चुनाव लड़ाना चाहते थे, लेकिन अब्दुल्ला उम्र में छोटे थे। एजुकेशन सर्टिफिकेट में दर्ज उनकी डेट ऑफ बर्थ आड़े आ रही थी। असली जन्म तिथि (1 जनवरी, 1993) के मुताबिक, अब्दुल्ला 2017 में चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे। उनकी उम्र 25 साल नहीं हुई थी। आजम ने अपने रसूख के दम पर लखनऊ नगर निगम से बेटे का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) बनवाया। इसमें उन्होंने जन्म का साल 1990 दिखाया। उसके आधार पर अब्दुल्ला ने फर्जी पैन कार्ड बनवाए। फिर बार-बार गलती दोहराते रहे। अब्दुल्ला ने 2 पासपोर्ट भी बनवा लिए। उनका इस्तेमाल किया। 2017 में चुनाव हुए, तो अब्दुल्ला की जीत हुई। तब BSP उम्मीदवार रहे नवाब काजिम अली खान ने फर्जी पैन कार्ड का मुद्दा उठाया। कहा कि नॉमिनेशन के समय अब्दुल्ला की उम्र 25 साल से कम थी। जांच हुई, तो सामने आया कि अब्दुल्ला आजम ने फर्जी आयु प्रमाण पत्र पर चुनाव लड़ा था। वह 25 साल के नहीं थे। इसके बाद अब्दुल्ला का निर्वाचन रद्द कर दिया गया। उसकी सदस्यता चली गई। इस मामले में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने भी 30 जुलाई, 2019 को रामपुर में केस दर्ज कराया। इसमें कहा था कि अब्दुल्ला आजम ने नियमों का उल्लंघन करते हुए दो पैन कार्ड बनवाए। मुकदमे में अब्दुल्ला के साथ उसके पिता आजम और मां तंजीन फातिमा को भी जेल जाना पड़ा। हालांकि, 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में स्वार सीट से अब्दुल्ला दोबारा जीत गए। इसके बाद सरकारी काम में बाधा डालने के एक मुकदमे में उसे फिर 3 साल से ज्यादा की सजा हुई और विधायकी चली गई। अब शिकायतकर्ता भाजपा नेता आकाश सक्सेना को जानिए आजम की विधायकी जाने के बाद रामपुर नगर सीट पर 5 दिसंबर, 2022 को उपचुनाव हुए थे। 7 दिसंबर को रिजल्ट घोषित हुआ था। इसमें भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना ने आजम के करीबी आसिम रजा को 25,703 वोटों से हरा दिया था। इससे पहले भी आकाश सक्सेना रामपुर विधानसभा सीट से 2022 में आजम के खिलाफ चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए थे। आकाश अब तक 43 मामलों में आजम के खिलाफ सीधे पक्षकार हैं। आकाश सक्सेना पेशे से कारोबारी और पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेना के बेटे हैं। ————————– ये खबर भी पढ़ें… ‘कॉकरोच जनता पार्टी के पीछे विदेशी फंडिंग’, गाजियाबाद में नंदकिशोर गुर्जर बोले- विपक्षी पार्टियां साजिश रच रही कॉकरोच जनता पार्टी के नाम पर देश में माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। ये लोगों के बीच आपसी भाईचारा बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा है। इसके पीछे विदेशी फंडिंग और आतंकवाद से जुड़े लोगों का हाथ हो सकता है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और हिंदुस्तान में जिहादी सोच रखने वाले लोग इसे फॉलो कर रहे हैं। जिससे इसके फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। हिंदू समाज के कुछ लोग भी बहकावे में आकर इससे जुड़े हैं। ये एक षड्यंत्र हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *