हिमाचल प्रदेश के ऊना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सत्ती और जिला प्रभारी रश्मिधर सूद ने किया। इसमें भाजपा के जिलाध्यक्ष शाम मिन्हास, बलबीर बग्गा, बलराम बबलू, राजकुमार पठानिया, अशोक धीमान, ममता कश्यप सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद डीसी ऊना को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। विधायक सतपाल सत्ती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में हिमाचल प्रदेश की कानून व्यवस्था बिगड़ गई है और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने विशेष रूप से ऊना में फिरौती और माफिया राज बढ़ने का दावा किया। सत्ती ने प्रदेश सरकार से इस पर सख्ती से कार्रवाई करने की मांग की। गारंटियों को पूरा करने की मांग सत्ती ने सरकार से प्रदेश में विकास कार्य कराने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और चुनाव के दौरान दी गई गारंटियों को पूरा करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार का ध्यान जनहित के कार्यों पर नहीं है, बल्कि वह उत्सव मनाने में व्यस्त है। वेतन और पेंशन का भुगतान न होने का मुद्दा उठाया भाजपा नेता ने दावा किया कि प्रदेश में केवल उत्सवों का माहौल है और जनता के लिए कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने विभागों में वेतन और पेंशन का भुगतान न होने का मुद्दा उठाया। सत्ती ने हिम केयर और सहारा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के बंद होने तथा विकास कार्यों के ठप पड़ने का भी आरोप लगाया।