ऑस्ट्रेलिया में पंजाबी युवक ने ₹1 करोड़ का माल चुराया:वीजा एक्सपायर हुआ तो छिपकर रहने लगा; सुपरमार्केट को निशाना बनाता, 87 केस दर्ज

ऑस्ट्रेलिया में वीजा एक्सपायर हुआ तो पंजाबी युवक चोरी करने लगा। उसने एक-दो नहीं, बल्कि 68 बार चोरी कर डाली। अब ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया पुलिस ने उसे एक करोड़ रुपए के सामान चोरी के केस में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में पता चला कि उस पर 87 केस दर्ज हो चुके हैं। आरोपी युवक पिछले 6 महीने से चोरी कर रहा था। उसने सुपरमार्ट स्टोर से इलेक्ट्रिक टूथब्रश से लेकर रेजर-विटामिन और स्किनकेयर के प्रोडक्ट चुराए। फिर उन्हें ब्लैक मार्केट में बेच दिया। जिस गैंग से वह जुड़ा था, उसके भी 31 लोग पहले गिरफ्तार किए जा चुके हैं। विक्टोरिया पुलिस ने इसे ‘ऑपरेशन सुपरनोवा’ का नाम दिया। इसे चोरी को लेकर चलाया सबसे बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा है। चोरी के केस में पकड़ा गया युवक कौन? विक्टोरिया पुलिस के मुताबिक युवक की उम्र 39 साल है। वह स्टडी वीजा पर स्टूडेंट बनकर भारत से ऑस्ट्रेलिया आया था। जब उसका वीजा खत्म हो गया तो इंडिया लौटने की जगह वह ऑस्ट्रेलिया में ही चोरी-छिपे रहने लगा। वह दिन में छुपा रहता और रात को चोरी करने के लिए निकलता था। चोरी का माल समेटने के बाद वह फिर से छिप जाता था। चोरी के लिए वह एक गैंग से भी जुड़ गया ताकि चोरी का माल बेचने में कोई परेशानी न हो। वहीं अगर चोरी करते हुए फंस जाए तो गैंग उसे बचा सके। कैसे पकड़ा गया पंजाबी युवक… युवक के बारे में क्या-क्या खुलासे हुए पुलिस के मुताबिक, पंजाबी युवक पिछले 6 महीने से चोरी कर रहा था। वह सुपरमार्ट स्टोर से सामान चुराता। फिर रात को उसे घर में रखता। इसके बाद मौका पाकर उसे ब्लैक मार्केट में बेच देता। उसने मेलबर्न, बैलारेट और जीलोंग के कई सुपरमार्केट को निशाना बनाया। पुलिस ने उसकी चोरियों का क्रिमिनल रिकॉर्ड इकट्‌ठा किया। जिसके बाद उस पर चोरी के 68 और चोरी की कोशिश के 19 केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने ये भी कहा कि ट्रायल की वजह से युवक का नाम और पता डिसक्लोज नहीं किया जा रहा है। चोर नेटवर्क 2 तरीके से काम करता चोर नेटवर्क में ज्यादातर इंडियन, फर्स्ट टाइम विक्टोरिया पुलिस ने बताया कि गिरोह में शामिल 31 लोगों को अब तक गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरोह में अधिकतर लोग भारतीय हैं। इनमें स्टूडेंट और ट्रैवल वीजा पर आने वाले लोग शामिल हैं। ये गिरोह एक साल से इसलिए भी पकड़ में नहीं आ रहा था क्योंकि इसमें ज्यादातर लोग फर्स्ट टाइमर चोर हैं। इनका पुरना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस इनका क्रिमिनल रिकॉर्ड तैयार कर रही है। ॰॰॰॰॰॰॰॰ कनाडा क्रिकेट में लॉरेंस गैंग की एंट्री:पंजाबी मूल के दिलप्रीत को टीम का कैप्टन बनाने का प्रेशर डाला, T-20 वर्ल्डकप में फिक्सिंग का शक कनाडा के क्राइम ब्यूरो (CBC) ने अपनी रिपोर्ट में लॉरेंस गैंग को लेकर कई खुलासे किए। 17 अप्रैल को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि है कि लॉरेंस गैंग कनाडा की क्रिकेट टीम के प्लेयर्स को जान से मारने की धमकी दे रहा है। इसका कारण पंजाबी मूल के दिलप्रीत बाजवा को कैप्टन न बनाना है। पढ़ें पूरी खबर…

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