कानपुर में ट्रेनों के पंखे बंद:बसों के फर्स्ट ऐड बॉक्स से ग्लूकोज और ORS गायब, 35°C में खड़ी गाड़ियों में बैठे लोग

कानपुर का सबसे बड़ा झकरकट्टी बस स्टैंड पर यात्रियों को हीटवेव से बचाने के लिए बसों में कोई इंतजाम नहीं है। यहां से चलने वाली 1200 बसें 70 किमी से 700 किमी तक का सफर तय करती है। हालांकि विभाग ने बसों के अंदर यात्रियों सुविधाएं चरमराई हुई हैं। ऐसे ही कानपुर अनवरगंज रेलवे स्टेशन पर खड़ी यात्री ट्रेनों में पंखे बंद मिले। इससे ट्रेन में बैठे हुए यात्री बेहाल नजर आये। जिसकी वजह से बच्चों से लेकर बुजुर्ग परेशान दिखाई दिये। यही नहीं सबसे ज्यादा ट्रेनें कानपुर से होकर गुजरती हैं। यहां से प्रतिदिन एवरेज 5 लाख से ज्यादा यात्री ट्रेन और बसों से सफर करते है या गुजरते है। लेकिन इन लोगों के लिए प्रशासन ने हीटवेव को देखते हुए कोई हेल्थ हेल्प डेस्क नहीं बनाई गई है। पर्यावरण के जानकार बताते है- हीटवेव से बचाव के लिए ORS, ग्लूकोज इत्यादि की व्यवस्थाएं विभागों को करानी चाहिए। जिससे यात्रियों को डिहाइड्रेट होने से बचाया जा सकता है। सबसे पहले गर्मी में बदहाली की तस्वीरें देखिए कानपुर प्रदेश का ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने वाला इकलौता सबसे बड़ा जिला है। यहां देश की सबसे ज्यादा ट्रेनें कानपुर से होकर गुजरती हैं। और प्रदेश का सबसे बड़ा बस अड्डा झकरकट्टी है। लेकिन यहां हीटवेव को लेकर इंतजाम न काफी है। इसी बीच हमने रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन की पड़ताल की है। यहां गर्मी और हीटवेव से बचने के क्या इंतजाम किए है। बसों के फर्स्टऐड बॉक्स खाली, प्लेटफार्मों से टीन शेड गायब झकरकट्टी से वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, मऊ, देवरिया, रायबरेली, झांसी इत्यादि रूट पर चलने वाली एसी बसें और ऑर्डिनरी बसों के हीटवेव में फर्स्ट ऐड बॉक्स खाली पड़े हुए है। इन बॉक्सों में किसी भी तरीके की दवाई और ड्रेसिंग का सामान नहीं है। इसके लिए परिवहन विभाग ने बसों में कोई व्यवस्था नहीं की है। जबकि हीटवेव मे फर्स्ट एड बॉक्स में ORS इत्यादि की मौजूद होना चाहिए। बस स्टैंड पर ठंडा पानी तक उपलब्ध नहीं है। बस स्टैंड की बात करें तो यहां केवल दो फ्रीजर लगाए गए है। इसमें से भी गरम पानी आ रहा है। ठंडे पानी के लिए बस स्टैंड में मौजूद यात्री इधर उधर भटकते हुए दिखाई दिये। हालांकि ठंडे पानी की एक लीटर की बोतल 20 में खरीदने के लिए विवश दिखाई दिये। बस स्टैंड पर पर्याप्त मात्रा में तीन शेड न होने की वजह से बसें बस स्टैंड पर खुली धूप में खड़ीं होती हैं। इसकी वजह से यात्री इन दिनों में ज्यादा परेशान होते है। अब पढिए रेलवे स्टेशन के बारे में रेलवे स्टेशन पर ठंडा पानी तक नहीं शहर के कानपुर अनवरगंज रेलवे स्टेशन से गुजरात, मुंबई, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, बंगाल, असम और दिल्ली के लिए करीब 24 गाड़ियों का संचालन या होकर गुजरती हैं। आने जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन पर ठंडे पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके लिए यात्री प्लेटफार्म पर बने स्टॉल से 20 रुपए की लोकल ब्रांड एक लीटर पानी की बोतल खरीदने के लिए मजबूर हैं। हालांकि जानकार बताते हैं- अगर प्लेटफार्म पर लगे वाटर कूलर सही और ठंडा पानी की सप्लाई करेंगे तो सीधा फर्क रेलवे प्लेटफार्म पर बने स्टॉलों की पानी की सेल पर पड़ेगा। यहां रेल नीर (14 रुपए) की जगह पर लोकल ब्रांड लोकल ब्रांड (20 रुपए) की बोतल बेंच रहे थे। यात्री बैठे- ट्रेन के पंखे बंद कानपुर अनवरगंज के प्लेटफार्म नंबर 2 पर खड़ी चौरी चौरा एक्सप्रेस के जनरल कोच में पंखे बंद मिले। कोच के अंदर बैठे यात्री धूप और गर्मी में परेशान दिखाई दिये। यात्री वैभव ने बताया- हम कानपुर सें छपरा का सफर तय करने के लिए यहां से ट्रेन पकड़ी है। इतनी गर्मी में ट्रेन खुली हुई है लेकिन पंखे बंद हैं। इससे हम लोग परेशान हो रहे है। रेलवे स्टेशन से हेल्थ डेस्क गायब कानपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए हीटवेव में कोई भी हेल्थ डेस्क नहीं बनाई गई है। यदि किसी यात्री को हीटवेव के समय कोई परेशानी होती है तो यहां हेल्थ डेस्क न होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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