हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के अंदर चल रही खींचतान फिर खुलकर सामने आई। आज गुरुवार को कुरुक्षेत्र में HSGMC के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल ने कमेटी को 10 लाख रुपए का चेक सौंपते हुए मौजूदा प्रधान जगदीश सिंह झींडा पर कईं गंभीर आरोप लगाए। असल में, कुछ दिन पहले HSGMC प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कमेटी के पास गुरु घर के लंगर के लिए सब्जी खरीदने तक के 10 रुपए नहीं होने का बयान दिया था। इसी बयान के बाद पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल ने 10 लाख रुपए का चेक HSGMC के चीफ अकाउंट ऑफिसर गुरविंदर सिंह को सौंपा। SGPC को देनी चाहिए मुलाजिमों की तनख्वाह- दादूवाल मीडिया से बातचीत में दादूवाल ने शाहाबाद स्थित मीरी पीरी संस्थान को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब तक HSGMC आधिकारिक रूप से मीरी पीरी संस्थान का प्रबंधन अपने हाथ में नहीं लेती, तब तक वहां के डॉक्टरों और मुलाजिमों की सैलरी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) को जारी रखनी चाहिए। जिन्होंने लोन लिए तनख्वाह भी जारी करे दादूवाल ने कहा कि अभी तक संस्थान का प्रबंधन पूरी तरह HSGMC के पास नहीं आया है। ऐसे में कर्मचारियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। अस्पताल और संस्थान से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी का सवाल है, इसलिए तनख्वाह रुकनी नहीं चाहिए। प्रबंधन को लेकर उनकी सरकार से बातचीत चल रही है। आरोप लगाया कि संस्थान पर बड़े-बड़े लोन SGPC लेकर चला गया। झींडा को डक्के का भी नहीं पता दादूवाल ने कहा कि मीरी-पीरी संस्थान को लेकर प्रधान झींडा को डक्के का भी पता नहीं है। झींडा सिर्फ SGPC और सुखबीर सिंह बादल की बोली बोलते हैं। संस्थान के मामले की कोर्ट में सुनवाई के दौरान झींडा कभी हाईकोर्ट चंडीगढ़ नहीं गए। उनको अपने वकील ओर केस तक के बारे में नहीं पता था। न ही झींडा ने कभी 10 रुपए खर्च किए। बादल की गोद में बैठे झींडा हालांकि वकील समेत अन्य खर्च कमेटी की ओर से किया गया, लेकिन झींडा के प्रधान बनने के बाद कमेटी से कोई पैसा नहीं लिया गया। कोर्ट का फैसला आया तो झींडा संस्थान में जाकर बैठ गए। अब फिर झींडा खुद कह रहे कि संस्थान उनसे नहीं चल पाएगा। सुखबीर सिंह बादल की गोद में बैठकर झींडा हरियाणा की संगत को गुमराह कर रहे हैं। झींडा बोले- दादूवाल ओदो जम्या वी नी सी दादूवाल के बाद कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल के डक्के का भी नहीं पता के बयान पर पलटवार करते हुए पंजाबी में कहा कि दादूवाल ओदो जम्या वी नी सी, अस्सी ओदो दे संघर्ष कर रहे है। दादूवाल हिसाब दे- झींडा झींडा ने कहा कि जब कमेटी का जन्म भी नहीं हुआ था, तब से हम संघर्ष कर रहे हैं। संगत सब कुछ देख रही है कि कौन कमेटी का नुकसान कर रहा है और कौन सेवा कर रहा है। दादूवाल के पास पैसा कहां से आया। दादूवाल पहले 12 लाख रुपए और आज दिए गए चेक का हिसाब दे। सरकार दखल ना दे मीरी-पीरी संस्थान पर प्रबंधन को लेकर कहा कि फैसला आने से पहले दादूवाल संस्थान में लड़ाई-झगड़ा करने पहुंच गए। फिर वहां से दादूवाल बेइज्जती करवा कर निकाले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मामले में दखल दे रही है। सरकार को कमेटी के मसले में इंटरफेयर नहीं करना चाहिए। कमेटी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि गुरु घर की सेवा और प्रबंधन करने वाली संस्था है। बजट नहीं हुआ पास झींडा ने बताया कि आज बजट को लेकर इजलास बुलाया गया था। इजलास में केवल 28 सदस्य पहुंचे थे। इसलिए बजट पास नहीं हो रहा। मीरी-पीरी संस्थान पर एग्जीक्यूटिव बॉडी नहीं बन रही। इस कारण बोर्ड का गठन नहीं हो पा रहा। बोर्ड बनने के बाद मीरी-पीरी संस्थान को अपने अधीन लिया जाएगा।