चंडीगढ़ नगर निगम सदन की बैठक आज (30 अप्रैल) मेयर सौरभ जोशी की अध्यक्षता में होगी। एक महीने के भीतर यह दूसरी बैठक है, जिससे राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में शहर के विकास से जुड़े करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होगी। पहले से लंबित कई प्रस्तावों को मंजूरी देने के साथ-साथ 24 नए और सप्लीमेंट्री प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। विकास कार्यों पर रहेगा फोकस नए प्रस्तावों में सड़कों की मरम्मत प्रमुख मुद्दा रहेगा। रोड डिवीजन नंबर-1 के अंतर्गत आने वाली सड़कों और पार्किंग क्षेत्रों की री-कारपेटिंग के लिए 1710.93 लाख रुपए का संशोधित बजट पास किया जा सकता है। इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अटावा, बुड़ैल, मलोया, कजहेड़ी और डड्डूमाजरा समेत 10 इलाकों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए औपचारिक समझौते का प्रस्ताव रखा जाएगा। सड़क कार्यों में तेजी लाने के लिए 242.67 लाख रुपए की लागत से 4 टिप्पर और 3 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर-कम-लोडर खरीदने पर भी चर्चा होगी। गीले कचरे को जैविक खाद में बदलने के लिए एंजाइमेटिक ऑर्गेनिक कंपाउंड आधारित नए प्रोजेक्ट को स्विस चैलेंज मोड में शुरू करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। सदन की बैठक में ये प्रस्ताव आएंगे मौजूदा पाइपलाइन में लीकेज और बार-बार खराबी की समस्या के कारण पानी की बर्बादी हो रही है। नई पाइपलाइन बिछाने से पानी की सप्लाई सुचारु और नियमित हो सकेगी। इससे क्षेत्र के निवासियों को कम दबाव और गंदे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट भविष्य में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा, ताकि लंबे समय तक समस्या न हो। नया प्लांट लगाने की तैयारी शहर में बागवानी कचरे के प्रबंधन के लिए 60 टीपीडी क्षमता का नया प्लांट लगाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। यह प्रोजेक्ट रॉयल्टी बेसिस पर होगा। मेसर्स पलक एग्रो इंडस्ट्रीज ने प्रति मीट्रिक टन 92.50 रुपए रॉयल्टी देने की सहमति दी है। कंपनी को मौजूदा 30 टीपीडी प्लांट का संचालन भी करना होगा। यह ठेका 7 साल के लिए होगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर 3 साल और बढ़ाया जा सकता है। बैठक में स्ट्रीट वेंडर सरला सिंह के बकाया माफ करने के मामले पर भी विचार किया जाएगा। टाउन वेंडिंग कमेटी ने बकाया न भरने पर उसका सर्टिफिकेट रद्द कर दिया था, लेकिन अपीलेट अथॉरिटी ने 15 सितंबर 2025 को मामले पर पुनर्विचार के निर्देश दिए थे।