चंडीगढ़ पुलिस ने CBI से फिर मांगे दस्तावेज:DSP सौंधी पर FIR से जुड़ा मामला, डेपुटेशन के नाम पर 8 लाख रुपए ठगे

चंडीगढ़ के डीएसपी सुखविंदर पाल सिंह सौंधी के खिलाफ क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज हुए एक साल से ऊपर का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक पुलिस ने मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की है। यहां तक कि डीएसपी को एक बार भी पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया है। यह केस सीबीआई गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। उस समय चंडीगढ़ के डीजीपी सुरेंद्र यादव थे। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीबीआई से केस से जुड़े रिकॉर्ड मांगे थे, जो सीबीआई द्वारा मुहैया करवा दिए गए थे। लेकिन फिर से सीबीआई से कुछ और रिकॉर्ड मांगे गए हैं। ऐसा करते-करते ही एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है। सीबीआई की रिपोर्ट पर कार्रवाई चंडीगढ़ में एक 19 साल पुराने मामले में क्राइम ब्रांच ने सीबीआई की गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर डीएसपी एसपीएस सौंधी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला पूर्व आईएएस अधिकारी गुरनिहाल सिंह पीरजादा और बिजनेसमैन सुखबीर सिंह शेरगिल के बीच के विवाद से जुड़ा है। मामला 2001 का है, जब पीरजादा पंजाब स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट एंड प्रोडक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी थे। उन पर मोहाली इंडस्ट्रीयल एरिया के प्लॉट नंबर B-101 को फर्जी दस्तावेजों के जरिए शेरगिल की कंपनी के नाम ट्रांसफर करवाने की साजिश का आरोप लगा था। शेरगिल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनसे जबरदस्ती बयान लिए और उन पर फर्जी हस्ताक्षर करवाए। सीबीआई जांच में यह भी सामने आया कि कॉन्स्टेबलों ने स्वीकार किया कि शेरगिल ने उनके सामने कोई दस्तावेज साइन नहीं किए थे। चार्जशीट में दिखाई गई रिकवरी को भी प्लान किया गया था। डीएसपी से डेपुटेशन के नाम पर 8 लाख ठगे चंडीगढ़ में डेपुटेशन के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। पंजाब के एक एमएलए और उनके पीए के नाम पर 20 लाख रुपए मांगने का आरोप है। इस मामले में 8 लाख रुपए लिए जाने की शिकायत सेक्टर-17 थाना पुलिस को दी गई है। खास बात यह है कि शिकायत में एमएलए का नाम नहीं लिया गया, जबकि उनके पीए का जिक्र किया गया है। यह शिकायत चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी सुखविंदर पाल सिंह सौंधी को पंजाब डेपुटेशन पर भेजने के नाम पर हुई ठगी को लेकर उनकी 93 वर्षीय मां गुरबचन कौर ने दी है। शिकायत के अनुसार, मोहाली निवासी हरप्रीत की मुलाकात डीएसपी से चंडीगढ़ स्थित पंजाब के एक मंत्री के कार्यालय में हुई थी। हरप्रीत ने खुद को मंत्री और उनके पीए का करीबी बताते हुए कहा कि वह डेपुटेशन का काम करवा देगा। उसने यह भी दावा किया कि मंत्री उसका रिश्तेदार है। मंत्री पर 20 लाख मांगने का आरोप गुरबचन कौर के मुताबिक, पहले उनके बेटे ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। लेकिन हरप्रीत लगातार फोन कर दबाव बनाता रहा। उसने कहा कि मंत्री ने इस काम के लिए 20 लाख रुपए मांगे हैं। शिकायत में कहा गया है कि बार-बार दबाव बनाने के बाद बेटे ने हरप्रीत को 8 लाख रुपए दे दिए। हरप्रीत ने कहा था कि इन 8 लाख में से डेढ़ लाख रुपए मंत्री के पीए के लिए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आखिर एक डीएसपी इस तरह के झांसे में कैसे आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कंवरदीप कौर ने जांच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की जल्द जांच कर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए।

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