चंडीगढ़-लायंस कंपनी के खिलाफ सफाई कर्मियों का प्रदर्शन:बोले-10 साल से कई मांगें लंबित; पार्षद कर चुके कंपनी का समर्थन

चंडीगढ़ में लायंस कंपनी के खिलाफ सफाई कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी सेक्टर-17 स्थित एमओएच कार्यालय के बाहर सड़कों पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कंपनी पर लगातार शोषण करने के आरोप लगाए और साफ कहा कि अब वह लायंस कंपनी के अधीन काम नहीं करेंगे। यह प्रदर्शन हाईकोर्ट की रोक के बाद किया है। कर्मचारियों का कहना था कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से कंपनी के अंतर्गत काम कर रहे हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें लगातार परेशानियों और शोषण का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और कई बार मांगें उठाने के बावजूद कंपनी ने ध्यान नहीं दिया। निगम कमिश्नर के फैसले का स्वागत सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम कमिश्नर के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वह सीधे नगर निगम के अधीन काम करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि निगम के अंतर्गत काम करने से कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा मिलेगी। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में चक्का जाम किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्षद कर चुके कंपनी का समर्थन सफाई का काम देखने वाली लायंस कंपनी का टेंडर रद्द होने के मुद्दे पर नगर निगम की राजनीति गरमा गई थी। भाजपा और कांग्रेस के 13 पार्षद पहली बार एकजुट होकर कमिश्नर अमित कुमार के खिलाफ सामने आ गए थे। मंगलवार को मेयर ऑफिस में जुटे पार्षदों ने कहा कि जब तक अमित कुमार कमिश्नर की कुर्सी पर बने रहेंगे, वे नगर निगम की किसी भी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। मीटिंग भी टली 29 मई को होने वाली एफएंडसीसी और 30 मई की जनरल हाउस मीटिंग टाल दिया है। दरअसल, 8 अप्रैल को पार्षदों ने इसी कंपनी को काम देने का एजेंडा हाउस में पास किया था। बीते शनिवार को कमिश्नर अमित कुमार ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए टेंडर को रद्द करके एजेंडे के खिलाफ सेक्रेटरी लोकल गवर्नमेंट को लिख दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *