गयाजी. मगध रेंज के आईजी ने जहानाबाद साइबर थाने में तैनात इंस्पेक्टर पंकज कुमार को निलंबित कर दिया है। जांच में गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। टेहटा थाना कांड संख्या 321/25 की समीक्षा के दौरान जांच में कई गंभीर खामियां सामने आई थीं। इसके बाद आईजी ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और इंस्पेक्टर पंकज कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू करने का निर्देश दिया गया है। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ तक नहीं की गई। इससे जांच प्रभावित हुआ और केस की कड़ियां कमजोर पड़ गईं। इतना ही नहीं, फरार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से वारंट लेने के लिए समय पर अर्जी भी दाखिल नहीं की गई। इसका फायदा आरोपियों को मिला और पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई। डकैती मामलों के आरोपियों को हुआ फायदा आईजी कार्यालय की जांच में यह भी सामने आया कि जांच की प्रगति और रिमांड से जुड़े प्रयासों का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड स्टेशन डायरी में दर्ज ही नहीं था। इससे पूरे जांच की पारदर्शिता और गंभीरता पर सवाल उठे। मामले की समीक्षा के बाद जहानाबाद एसपी ने अपनी रिपोर्ट में इंस्पेक्टर पंकज कुमार पर लापरवाही, शिथिलता, उदासीनता और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया था। एसपी ने उनके निलंबन और विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की थी। जांच में यह भी पाया गया कि अनुसंधान में बरती गई लापरवाही के कारण गंभीर लूट और डकैती मामलों के आरोपियों को कोर्ट से राहत मिली। इससे केस की गुणवत्ता प्रभावित हुई व पुलिस जांच की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे। आईजी विकास वैभव का कहना है कि पुलिस जांच में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबन अवधि में इंस्पेक्टर पंकज कुमार को सामान्य जीवन भत्ता मिलेगा। वहीं विभागीय कार्रवाई के जरिए पूरे मामले की विस्तृत जांच भी कराई जाएगी।