जालंधर नगर निगम पर तीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के असंतोषजनक प्रदर्शन के कारण 7 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह जानकारी पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के अधिकारियों ने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की अध्यक्षता में जालंधर में हुई एक बैठक में दी। बैठक में काला संघियां ड्रेन, जमशेर ड्रेन और चिट्टी वेईं में गिर रहे गंदे पानी को रोकने, वरियाणा कूड़ा डंप को खत्म करने और शहर के सभी एसटीपी की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। इस जुर्माने पर संत सीचेवाल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों की लापरवाही का बोझ आम जनता पर पड़ेगा, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने बस्ती पीरदाद स्थित 50 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट की खराब कार्यप्रणाली पर भी अधिकारियों को फटकार लगाई। प्लांट से निकलने वाले स्लज का उचित रिकॉर्ड न रखे जाने पर पीपीसीबी अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। काला संघियां ड्रेन पर खर्च हुए थे 34 करोड़ : संत सीचेवाल संत सीचेवाल ने बताया कि सरकार ने काला संघियां ड्रेन को 34 करोड़ रुपए खर्च कर पक्का कराया था, लेकिन आज भी इसमें गंदा पानी गिर रहा है और यह स्लज (औद़्योगिक इकाईयों से निकलने वाला अवशिष्ट पदार्थ) से भरी हुई है। इस पर उपायुक्त वरजीत वालिया और नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि ने भरोसा दिलाया कि काला संघियां ड्रेन, जमशेर ड्रेन और शहर के ट्रीटमेंट प्लांटों की कार्यप्रणाली में जल्द सुधार किया जाएगा। जमशेर ड्रेन में गोबर गिरने का मुद्दा भी उठाया उन्होंने जमशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स से सीधे जमशेर ड्रेन में गोबर गिरने का मुद्दा भी उठाया। संत सीचेवाल ने बताया कि वहां पहले से 2.5 एमएलडी क्षमता का सीबीजी प्लांट लगा हुआ है और एक अन्य प्लांट भी स्थापित किया जाना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कई बैठकों में काला संघियां ड्रेन के किनारे सड़क बनाने पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन अब तक इस दिशा में क्या कार्रवाई हुई, यह स्पष्ट नहीं है। यदि अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है तो इसे अमल में लाने के लिए ठोस नीति बनाई जाए। बैठक में वरियाणा कूड़ा डंप को जल्द समेटने के निर्देश भी दिए गए। ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि 15 जून तक वहां से पूरी मिट्टी हटा ली जाएगी।