तरनतारन के विधानसभा हलका पट्टी के अधीन आते गांव जौड़ा में जमीन की वट यानी सीमा को लेकर चल रहा पुराना विवाद आज शनिवार तड़के खूनी संघर्ष में बदल गया। इस मामले में भतीजे पर अपने ही चाचा की हत्या करने के आरोप लगे हैं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है, जबकि थाना सरहाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान 50 वर्षीय बलबीर सिंह पुत्र मस्सा सिंह निवासी गांव जौड़ा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बलबीर सिंह और उनके चचेरे भाई के परिवार के बीच लंबे समय से जमीन की वट को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों परिवार एक-दूसरे के पड़ोस में रहते हैं और उनके घरों की दीवारें भी सांझी बताई जा रही हैं। आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते शनिवार सुबह विवाद अचानक हिंसक हो गया। सुबह-सुबह हुआ खूनी झगड़ा, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत मृतक के बेटे हरप्रीत सिंह ने बताया कि वह सुबह दूध डालने के लिए घर से बाहर गया हुआ था। उसकी माता घर में खाना बना रही थी और उसके पिता बलबीर सिंह घर में मौजूद थे। इसी दौरान जैसे ही बलबीर सिंह घर से बाहर निकले तो पड़ोस में खड़े सुरजीत सिंह और उसकी पत्नी हरजीत कौर ने उनके साथ बहस शुरू कर दी। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सुरजीत सिंह ने डंडे से बलबीर सिंह के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। परिवार के सदस्य तुरंत उन्हें इलाज के लिए तरनतारन के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार ने आरोप लगाया है कि जमीन के पुराने विवाद के कारण ही इस वारदात को अंजाम दिया गया है। मामले की जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही थाना सरहाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं गांव के सरपंच सुखदेव सिंह ने बताया कि सुबह हुए झगड़े के दौरान बलबीर सिंह की मौत हुई है और पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।