तुम छोटी जाति के हो, हमारे यहां छोटी जाति के लोगों को इतने बड़े पद पर नौकरी नहीं दी जाती। तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई यहां आने की। पानीपत में एक युवक ने टेक्सटाइल कंपनी के GM पर जातिसूचक शब्द कहकर नौकरी से निकालने का आरोप लगाया है। युवक का कहना है कि काबिलियत के आधार पर 4 दिन पहले ही उसकी कंपनी में नौकरी लगी थी। उसने HR डिपार्टमेंट में नौकरी के लिए दो बार इंटरव्यू भी पास किया। युवक ने आरोप लगाया कि GM को जब पता चला कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता है, तो उनका व्यवहार बदल गया। अगले दिन उसे नौकरी नहीं करने दी गई और दूसरे कर्मचारी ने उसे फैक्ट्री आने से मना कर दिया। युवक का कहना है कि जब वह अपनी बहन के साथ गया, तो वहां मारपीट की गई। युवक ने सेक्टर 13/17 थाने में कंपनी के GM, एक अन्य कर्मचारी और फैक्ट्री मालिक की मां के खिलाफ शिकायत दी है। इस विवाद को लेकर दैनिक भास्कर ने जब फैक्ट्री मालिक का पक्ष जानने के लिए फोन किया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए युवक ने क्या बताया… प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए नौकरी मिली बाबरपुर मंडी निवासी रिजुल ने बताया कि उसने सेक्टर-6 स्थित एक नामी टेक्सटाइल कंपनी में HR डिपार्टमेंट में नौकरी के लिए आवेदन किया था। 12 मई को एक प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से उसे कंपनी के HR डिपार्टमेंट में रख लिया गया। जिस दिन उसका इंटरव्यू हुआ, उस दिन कंपनी के जनरल मैनेजर (GM) वीके कुंड ऑफिस में मौजूद नहीं थे। GM की गैर-मौजूदगी में कंपनी के अन्य अधिकारियों ने उसकी योग्यता और दस्तावेजों की जांच करने के बाद उसे पास कर दिया। GM ने दोबारा इंटरव्यू लिया आगे बताया कि इसके बाद उसने ड्यूटी पर जाना शुरू कर दिया और पूरी ईमानदारी के साथ काम किया। गुरुवार (14 मई) की सुबह जब वह ड्यूटी पर पहुंचा तो HR डिपार्टमेंट में कार्यरत सीनियर कर्मचारी सोनू ने उसे बताया कि GM साहब आ चुके हैं और उन्होंने उसे तुरंत अपने केबिन में बुलाया है। GM से मिलने उनके ऑफिस पहुंचने पर GM ने संतुष्टि के लिए एक बार फिर से उसका इंटरव्यू लिया। इस बार भी वह इंटरव्यू में सफल रहा और GM ने उसे जॉब के लिए पूरी तरह क्वालिफाइड घोषित कर दिया। जाति पूछे जाने के बाद ऑफिस नहीं आने दिया रिजुल ने बताया कि जब वह अपने केबिन में जाने लगा तो GM ने उसकी जाति के बारे में पूछा। उसने बिना छिपाए बता दिया कि वह अनुसूचित जाति (SC) से संबंध रखता है। यह जवाब सुनते ही GM के तेवर पूरी तरह बदल गए। 15 मई की सुबह जब वह ड्यूटी पर पहुंचा तो कर्मचारी सोनू ने उसे काम करने से रोक दिया। सोनू ने कहा कि उसे ड्यूटी पर नहीं रखा गया है, इसलिए वह वहां से चला जाए। जब रिजुल ने नौकरी से निकाले जाने का कारण पूछा, तो सोनू ने कहा कि यह ऊपर से GM साहब के सख्त ऑर्डर हैं। जातिसूचक शब्द कहकर मारपीट की रिजुल ने कहा कि 16 मई को वह अपनी बहन को लेकर फैक्ट्री पहुंचा। जैसे ही वे दोनों कंपनी के ऑफिस में दाखिल हुए तो वहां मौजूद GM और फैक्ट्री मालिक की मां उन दोनों पर बुरी तरह भड़क उठे। उन्होंने सरेआम दोनों को जातिसूचक शब्द कहे। जब उन्होंने जातिगत टिप्पणी का विरोध किया, तो आरोपियों ने फैक्ट्री के भीतर ही दोनों भाई-बहन पर हमला कर दिया और फिर धक्के देकर बाहर निकाल दिया। उन्होंने धमकी दी कि अगर वे दोबारा वहां दिखाई दिए या पुलिस के पास गए, तो वे उन्हें जान से मार देंगे। सेक्टर 13/17 थाने में शिकायत दी रिजुल ने डायल 112 पर घटना की सूचना दी। इसके बाद 13-17 सेक्टर थाने में फैक्ट्री के GM पीके कुंड, फैक्ट्री मालिक की मां और कर्मचारी सोनू के खिलाफ जातिसूचक शब्द कहने, मारपीट करने, अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने को लेकर लिखित शिकायत दी। थाना प्रभारी SI दलबीर सिंह ने बताया कि युवक की शिकायत मिली है। उच्च अधिकारियों को भी घटना के बारे में बता दिया है। शिकायत की जांच जारी है। कंपनी बोली- वर्किंग ट्रायल पर था रिजुल, आरोप बेबुनियाद इस बारे में इला होम फैशन इंडस्ट्री के GM प्रदीप कुमार कुंड ने कहा कि प्लेसमेंट सेल के जरिए रिजुल हमारी कंपनी में आया था। नियम अनुसार उसका 3 दिन का वर्किंग ट्रायल लिया गया। लेकिन HR सोनू को उसके काम में संतुष्टि नहीं हुई। जिसके चलते उसको आगे कंटिन्यू नहीं किया गया कंपनी इन तीन दिन का पैसा देने को तैयार है। लेकिन हम पर लगाए सभी अन्य आरोप निराधार हैं।