पंजाब के अफसरों समेत 5 आज ईडी समक्ष होंगे पेश:मंत्री अरोड़ा मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई, एजेंसी रखेगी पक्ष; रिमांड पर भी फैसला

पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा की अरेस्ट के बाद अब ईडी जांच अफसरों तक पहुंच गई है। राज्य के 2 विभागों के अधिकारियों समेत 5 लोग ईडी के समक्ष पेश होंगे। इस दौरान एक अधिकारी की जालंधर तो शेष लोगों की दिल्ली ईडी में पेशी होगी। यह सारी पेशियां दो अलग-अलग मामलों में हो रही हैं। सुबह दस बजे से यह पेशी होगी। सभी को सुबह दस बजे रिकॉर्ड के साथ तलब किया गया है। वहीं, इस मामले की आज अदालत में भी सुनवाई है। संजीव अरोड़ा द्वारा अरेस्ट और रिमांड को दी गई चुनौती की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई है, जहां ईडी जवाब दाखिल करेगी। दूसरी तरफ पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा की आज गुरुग्राम अदालत में पेशी है। उन्हें दो दिन का रिमांड खत्म होने पर आज ईडी अदालत में पेश करेगी। ईडी ने सर्च के बाद भेजा है समन ईडी जालंधर के जोनल अफसर की तरफ से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर सीए को तलब किया गया है। उन्हें आज सुबह दस बजे पेश होने के लिए कहा गया है। उन्हें समन जालंधर ऑफिस के असिस्टेंट डायरेक्टर अक्षय कुमार की तरफ से भेजा गया है। ईडी ने गमाडा से न्यू चंडीगढ़ में स्थापित रियल एस्टेट से जुड़े प्रोजेक्टों का रिकॉर्ड तलब किया है। इसमें कई नामी बिल्डर शामिल हैं, जिनके यहां 8 और 9 मई को ईडी की रेड हुई थी। वहीं, इस दौरान खरड़ की एक सोसाइटी में करीब 21 लाख रुपए की नोटों की बारिश हुई थी। इस रेड से पंजाब की राजनीति गर्मा गई थी। मंत्री के मामले में दिल्ली में पेश होंगे कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। ईडी ने अब पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत गर्ग को तलब किया है। इसके अलावा 3 अन्य लोगों को भी सोमवार को पेश होने के आदेश दिए गए हैं। इनमें पावरकॉम की डायरेक्टर (कमर्शियल) हरशरण कौर त्रेहन, दो कारोबारी साझेदार हेमंत सूद और चंद्रशेखर शामिल हैं। यह मामला मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी एक निजी कंपनी को करोड़ों रुपए की बैंक गारंटी कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से वापस कर फायदा पहुंचाने से संबंधित है।
जिन लोगों को तलब किया, उन पर यह है आरोप
बसंत गर्ग और हरशरण कौर विवाद मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पीएसपीसीएल के सीएमडी बसंत गर्ग (आईएएस) और पावरकॉम की डायरेक्टर (कमर्शियल) हरशरण कौर त्रेहन का नाम उस विवाद में सामने आया है, जो पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनी रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को कथित तौर पर दिए गए लाभ से संबंधित है। बताया जा रहा है कि कंपनी ने अपनी बिजली सप्लाई का वोल्टेज बदलने के लिए आवेदन किया था। इसके बाद कंपनी ने 2 फरवरी को करीब 1.97 करोड़ रुपये की पुरानी बैंक गारंटी वापस करने के लिए पत्र लिखा। आरोप है कि पावरकॉम ने बिना नई संशोधित बैंक गारंटी जमा करवाए ही अगले दिन, यानी 3 फरवरी को पुरानी गारंटी जारी कर दी। ईडी अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या तत्कालीन बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा के दबाव या मिलीभगत के चलते पावरकॉम के कमर्शियल विभाग ने नियमों को दरकिनार कर कंपनी को वित्तीय लाभ पहुंचाया। हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल से पूछताछ लुधियाना के वित्तीय निवेशक हेमंत सूद, जिन्हें फाइंडोक फिनवेस्ट का प्रमुख बताया जाता है, और जालंधर के कारोबारी चंद्रशेखर अग्रवाल को भी ईडी ने समन जारी किया है। ईडी के मुताबिक, संजीव अरोड़ा पर करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां और गुरुग्राम में जमीन खरीदने के आरोप हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि कथित अवैध वित्तीय लेनदेन, शेल कंपनियों के जरिए फंड रूटिंग और संदिग्ध निवेशों के प्रबंधन में इन दोनों कारोबारियों की भूमिका हो सकती है। दोनों को अरोड़ा का करीबी सहयोगी और कारोबारी साझेदार माना जाता है। गमाडा के सीए संदीप सिंह भी तलब ईडी ने गमाडा के सीए संदीप सिंह को भी तलब किया है। हालांकि उन पर फिलहाल किसी प्रत्यक्ष आरोप की जानकारी सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, गमाडा में सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) से जुड़ी फाइलों को मंजूरी देने के रिकॉर्ड के संबंध में उनसे पूछताछ की जानी है।
संजीव अरोड़ा केस अब क्या हुआ फर्जीवाड़े का शक (मई-अक्टूबर 2023): संजीव अरोड़ा की कंपनी HSRL पर कागजों में 157.12 करोड़ रुपये के मोबाइल बेचने और दुबई में 102 करोड़ रुपये के फर्जी एक्सपोर्ट का आरोप लगा। ईडी को फंड रूटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का शक हुआ। ईडी का पहला एक्शन (अप्रैल 2026): विदेशी लेनदेन और एक्सपोर्ट दस्तावेजों में गड़बड़ी की भनक लगने पर ईडी ने फेमा के तहत अरोड़ा और HSRL के ठिकानों पर पहली बार छापेमारी की। मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज (5 मई 2026): दिल्ली की शेल कंपनियों के जरिए गलत GST इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने का खुलासा होने के बाद, ईडी ने संजीव अरोड़ा और 3 अन्य के खिलाफ PMLA के तहत नया केस दर्ज किया। घेराबंदी और गिरफ्तारी (9 मई 2026): चंडीगढ़, दिल्ली और गुरुग्राम के 5 ठिकानों पर ईडी ने एक साथ रेड की। चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित सरकारी आवास पर लंबी पूछताछ के बाद शाम को संजीव अरोड़ा को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। 7 दिन की रिमांड और सियासी बवाल (10 मई 2026): गुरुग्राम की विशेष अदालत में देर रात सुनवाई के बाद अरोड़ा को 7 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा गया। इस गिरफ्तारी पर पंजाब में सियासी घमासान शुरू हो गया; AAP (भगवंत मान और केजरीवाल) ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया, जबकि बीजेपी ने इसे भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करार दिया। हाईकोर्ट में चुनौती (12 मई 2026): संजीव अरोड़ा के बेटे काव्या अरोड़ा ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। आरोप लगाया गया कि ईडी ने महज 35 मिनट में ही 17 पन्नों का पहले से तैयार ‘अरेस्ट ग्राउंड’ सौंप दिया था। रिमांड बढ़ी, अफसरों पर कसा शिकंजा (16-17 मई 2026): कोर्ट ने ईडी की रिमांड 2 दिन और बढ़ा दी। इसी बीच जांच का दायरा बढ़ाते हुए ईडी ने PSPCL के CMD बसंत गर्ग, पावरकॉम की डायरेक्टर हरशरण कौर त्रेहन, गमाडा (GMADA) के अधिकारियों और हेमंत सूद व चंद्रशेखर अग्रवाल जैसे कारोबारियों को समन जारी कर दिया।

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