पंजाब-ट्रैक ब्लास्ट के दौरान 4000 टन कोयला भरी ट्रेन गुजरी:चपेट में आती तो 20 किमी इलाके का दम घुटता, मंत्री रवनीत बिट्टू आज दौरा करेंगे

पंजाब के पटियाला के अंबाला-अमृतसर रेल फ्रेट कॉरिडोर के पास सोमवार रात डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) को उड़ाने की कोशिश की गई। इस दौरान जो ट्रेन वहां से गुजर रही थी, अगर वह इसकी चपेट में आ जाती, तो अंबाला से लेकर राजपुरा तक के लोग मुसीबत में आ सकते थे। क्योंकि वह ट्रेन कोयले से भरी हुई थी, जो बिहार के न्यू सोन नगर से गोबिंदगढ़, पंजाब आ रही थी। 50 डिब्बे वाली पूरी मालगाड़ी में चार हजार टन कोयला था। अगर इस कोयला गाड़ी में धमाका होता, तो 15 से 20 किलोमीटर के इलाके में असर देखने को मिलता, जिससे लोगों को दम घुटने की दिक्कत आती। हालांकि, इससे बचाव हो गया। घटना के बाद केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू आज सुबह 10.30 बजे विस्फोट स्थल का दौरा करेंगे। उधर, पुलिस ने जांच में पाया कि घटना के पीछे पड़ोसी देश पाकिस्तान का हाथ है। हादसे में जगरूप सिंह नाम के युवक की जान गई, माना जा रहा है कि वह ट्रैक पर विस्फोटक लगाने आया था, जबकि खुद उसकी चपेट में आ गया। मृतक डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह का करीबी बताया जा रहा है। वहीं, मृतक के फोन ने ही इस कहानी की पोल खोल दी। रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट से जुड़े PHOTOS… अब सारी कहानी को 7 प्वाइंटों में जानिए 1. गाड़ी में झटका महसूस हुआ तो सूचना दी राजपुरा-शंभू रेलवे लाइन पर बठोनिया गांव के पास रात साढ़े आठ बजे के करीब बिहार से गोबिंदगढ़ कोयले से भरी ट्रेन आ रही थी। ट्रेन तेजी से आगे बढ़ गई, लेकिन ट्रेन चालक को इस दौरान झटका महसूस हुआ, जो आम झटके से थोड़ा अलग था। इस बात पर उसे संदेह हुआ कि ट्रैक से छेड़छाड़ हुई है। इसके बाद उसने सीधे राजपुरा स्टेशन पर सूचना दी। इसके बाद रेलवे और पंजाब पुलिस एक्शन में आए। रात पौने दस बजे टीम पहुंच गई। इस दौरान ट्रैक पर एक व्यक्ति के शव के टुकड़े, डेटोनेटर, तार और अन्य सामग्री मिली। साथ ही एक फोन भी बरामद हुआ। जिससे साफ हो गया कि ट्रेन को उड़ाने की कोशिश हुई। उसी समय सारी ट्रेनें रोक दी गईं और जांच शुरू की गई। 2. फोन से सुराग लगा, टीमें तरनतारन पहुंची इसके बाद रात में ही पुलिस ने घटना स्थल से मिले फोन और सिम की जांच की तो फोन जगरूप सिंह पंजवड़ तरनतारन का निकला। इसके बाद पटियाला पुलिस, सीआईए व एजीटीएफ की टीमें रात में ही तरनतारन पहुंच गईं। आरोपी के घर की चेकिंग की गई और उसके भाई सतनाम सिंह को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद उससे पूछताछ शुरू की गई तो आरोपियों का सुराग लग गया। हालांकि पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया। पटियाला में एसएसपी वरुण शर्मा घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि लो इंटेंसिटी एक्सप्लोजन की सूचना मिली थी। मौके के मुआयने से पता चला कि यह केवल एक विस्फोट नहीं था, बल्कि विस्फोट करने का प्रयास (अटेम्प्टेड डिटोनेशन) था। जो व्यक्ति धमाका करने की कोशिश कर रहा था, उसकी इस प्रयास के दौरान मौत हो गई और उसका शव मौके से बरामद किया गया। इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की जान या संपत्ति का कोई नुकसान नहीं हुआ। 3. स्पेशल डीजीपी ने आरोपी की पहचान बताई सुबह करीब 12 बजे स्पेशल डीजीपी रेलवे शशि प्रभा द्विवेदी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटना स्थल का जायजा लिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि घटना सोमवार रात साढ़े आठ से नौ बजे के बीच की है। रेल ड्राइवर ने इस बारे में अधिकारियों को सूचना दी थी, क्योंकि ट्रेन को झटका लगा था। इसके बाद रात को ही पुलिस और रेलवे की टीम पहुंची। इस दौरान ट्रैक के पास व्यक्ति के शव के टुकड़े पड़े थे। डेटोनेटर व अन्य सामान बरामद हुआ। वहीं, घटना स्थल से मोबाइल भी बरामद हुआ, जिसमें सिम लगा था। उससे मृतक की पहचान जगरूप के रूप में हुई। उसकी जमा तलाशी में सरहिंद से राजपुरा की टिकट मिली। दावा किया गया कि दो बजे तक पुलिस इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रही है। 4. फिर अमृतसर से बाइक व सामान रिकवर दूसरी तरफ पटियाला पुलिस और एजीटीएफ जैसी एजेंसियां फोन लोकेशन के आधार पर तरनतारन पहुंच गईं। भाई को राउंडअप कर उसका मोबाइल कब्जे में लिया गया। फिर मृतक के फोन की जांच की गई, जिससे कई लिंक सामने आए। इसके बाद फोन लोकेशन के आधार पर अमृतसर पुलिस की टीमें पहुंचीं, जहां आरोपी ने बाइक खड़ी की थी। सीसीटीवी में उसे बाइक खड़ी करते देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने यह सारी रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में ली। साथ ही कड़ी से कड़ी जोड़ी गई तो इस कहानी का लिंक पड़ोसी देश पाकिस्तान की आईएसआई और खालिस्तान से जुड़े संगठन से निकला, जो मलेशिया से संचालित हो रहा था। 5. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीमा पार कनेक्शन आया सामने इसके बाद दोपहर ढाई बजे पटियाला पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मामले में मानसा के आरोपी परदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह निवासी बप्पियाना, जिला मानसा, सतनाम सिंह सत्ता निवासी तरनतारन और गुरप्रीत सिंह निवासी बाबा बिधी चंद नगर को पटियाला से गिरफ्तार किया। डीआईजी कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है, जो उन्होंने सीमा पार बैठे अपने आतंकी हैंडलरों की मदद से हासिल किया था। उनसे एक बम, दो पिस्तौल सहित जिंदा कारतूस, आईईडी बनाने में प्रयुक्त सामग्री तथा मलेशिया में बैठे हैंडलरों से संपर्क के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला लैपटॉप और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं। 6. पाकिस्तानी हैंडलरों के टच में थे डीआईजी कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना परदीप सिंह खालसा है, जो खालिस्तानी विचारधारा से प्रभावित होकर “चलदा वहीर चक्रवर्ती अटारिए” नामक संगठन चला रहा था। वह विदेश में मलेशिया स्थित खालिस्तानी उग्रवादी समूहों और पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के संपर्क में था। इनका मकसद पंजाब में आतंकी घटनाओं को अंजाम देकर शांति भंग करना और दहशत का माहौल पैदा करना था, जिसके लिए पाकिस्तान स्थित हैंडलरों द्वारा इन्हें भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार मुहैया कराए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है और उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। 7. खालिस्तानी लोगों ने धमकी दी इस धमाके की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) ने ली है। जर्मनी में रह रहे आतंकी जसविंदर सिंह मुल्तानी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। संगठन की ओर से इसे अपनी गतिविधियों का हिस्सा बताया गया है। ——————– यह खबर भी पढ़ें… पंजाब- रेलवे ट्रैक ब्लास्ट में मरने वाला जूपा कौन पटियाला के राजपुरा में अंबाला-अमृतसर रेल फ्रेट कॉरिडोर पर हुए ब्लास्ट में तरनतारन जिले के गांव पंजवड़ के रहने वाले जगरूप सिंह उर्फ जूपा का नाम सामने आया है। जगरूप जिस गांव पंजवड़ का रहने वाला था, इसी गांव से संबंधित कई लोग आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) का मुखिया भी इसी गांव का रहने वाला था। पुलिस अब जगरूप का पूरा बैकग्राउंड खंगाल रही है। (पढ़ें पूरी खबर)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *