पंजाब बिजली संकट, AAP मंत्री बोले- असुविधा पर खेद है:अमृतसर में लोगों ने जबरन सप्लाई चालू की; 6 शहरों में 5 दिन 8-10 घंटे के कट लगेंगे

पंजाब में पावरकॉम (PSPCL) के 5 दिन तक 8 से 10 घंटे के कट लगाने को लेकर बवाल मचना शुरू हो गया है। अमृतसर में बिजली कट से परेशान होकर लोग देर रात को बिजली घर में घुस गए। उन्होंने बिजली घर का गेट तोड़ दिया और खुद ही बिजली सप्लाई चालू कर दी। मुलाजिमों ने रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी धक्कामुक्की की। मुलाजिमों ने कहा कि उच्च अधिकारियों के कहने पर बिजली कट लगाया था लेकिन लोगों ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद फीडर से छेड़छाड़ कर बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। ड्यूटी पर मौजूद मुलाजिम सुरिंदर सिंह ने बताया कि देर रात करीब 20 से 25 लोग बिजली घर में घुस आए। उन्होंने कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकियां भी दीं। घटना की सूचना मिलने के बाद थाना कंबो पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कट को लेकर बिगड़ते हालात के बीच पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा सामने आए। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर लिखा- PSPCL द्वारा घोषित नियोजित बिजली कटौती का उद्देश्य सिस्टम अपग्रेड के माध्यम से बिजली आपूर्ति में सुधार करना है। इससे होने वाली असुविधा के लिए खेद है, लेकिन ये सुधार लंबे समय में उपभोक्ताओं के लिए काफी लाभकारी साबित होंगे। बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा की सोशल मीडिया पर सफाई…
वहीं पंजाब में 26 अप्रैल तक लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, बठिंडा और पटियाला में लंबे बिजली कट लगेंगे। इसके लिए पावरकॉम ने बिजली डिस्ट्रिब्यूशन में सुधार और मॉडर्नाइजेशन का हवाला दिया है। बिजली कट इसलिए चिंताजनक हैं कि पंजाब में लगातार गर्मी बढ़ रही है और मौसम विभाग ने 3 दिन के लिए हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। 21 जिलों में टेंपरेचर 35 पार हो चुका है। सेहत विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखते हुए स्पेशल वार्ड बनाने के साथ 24 घंटे स्टाफ तैनात करने को कहा है। ऐसे में बिजली कटों से हालात और बिगड़ सकते हैं। डेटवाइज जानिए, कहां, कब और कितनी देर के कट लगेंगे 22 अप्रैल: 23 अप्रैल: 24 अप्रैल: 25 अप्रैल: 26 अप्रैल: गर्मी से बिजली की डिमांड साढ़े 3 हजार मेगावाट बढ़ चुकी
पावरकॉम के मुताबिक पंजाब में बिजली की डिमांड अभी 6 हजार मेगावाट के करीब है। हालांकि टेंपरेचर बढ़ने पर कुछ दिन पहले यह डिमांड 9500 मेगावाट तक पहुंच गई थी। पंजाब में बिजली का उत्पादन 3300 मेगावाट के करीब है और केंद्रीय पूल से 2700 मेगावाट बिजली खरीदी जा रही है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक बिजली की डिमांड आम तौर पर 5 से 6 हजार मेगावाट के बीच में ही रहती है। आजकल पंजाब में व्यापक स्तर पर मेंटेनेंस कट लग रहे हैं, इसलिए बिजली की डिमांड कम आ रही है। पावरकॉम के मुताबिक पूरे राज्य में जब टेंपरेचर जब 40 डिग्री के पार पहुंचता है तो सूबे में डिमांड 10 हजार मेगावाट के आसपास रहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *