पंजाब और चंडीगढ़ में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर इजाफा हुआ है। पेट्रोल के दाम में 2.60 रुपए और डीजल में 2.70 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। चंडीगढ़ में पहली बार पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर के पार चला गया है। यहां 2.5 रुपए बढ़ने के बाद पेट्रोल अब 101.53 रुपए प्रति लीटर और 2.53 रुपए बढ़ने के बाद डीजल 89.63 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, पंजाब में पेट्रोल अब 105.44 रुपए और डीजल 95.38 रुपए प्रति लीटर हो गया है। मोहाली में पेट्रोल का रेट सबसे ज्यादा 105.99 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। इससे पहले 15 मई, 19 मई और 23 मई को भी दाम बढ़ाए गए थे। बीते 10 दिनों में पंजाब में पेट्रोल के दामों में कुल 7.25 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दामों में कुल 7.55 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। पंजाब के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल की ताजा कीमतें पठानकोट जालंधर लुधियाना ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर सीधा असर पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ता है। ईंधन कीमतें बढ़ने के बाद टैक्सी, ऑटो और माल ढुलाई के किराए बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सब्जियों, राशन और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। व्यापारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते फ्यूल रेट से माल ढुलाई की लागत बढ़ रही है। इससे रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम तभी बढ़ेंगे। अगर लोकल लेवल पर ट्रांसर्पोटेशन चार्जेज बढ़े तो कीमतें उससे भी बढ़ जाएंगी। इससे लोगों के रसोई का बजट 10% से 15% तक बढ़ सकता है। दूध तो हाल ही में 2 रुपए बढ़ चुका है। अगर पूरी रसोई और अन्य जरूरत का सामान 10 से 12 हजार रुपए का लेते हैं तो वह बढ़कर 11 से 13 हजार रुपए हो सकता है। अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं… पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। बेस प्राइस से तीन-चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं: 2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। तेल कंपनियों को हर महीने 30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है । पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10-10 घटाई थी इससे पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी। स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह ₹11.90 रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹17.8 से घटकर ₹7.8 पर आ गई थी। सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें… पीएम मोदी ने कहा था- ईंधन का इस्तेमाल कम करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था। पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमारे पास तेल के बड़े कुएं नहीं हैं। हमें आज ये संकल्प लेना होगा कि अगले 1 साल तक कोई भी कार्यक्रम हो, सोना न खरीदें। पूरी खबर पढ़ें…