पंजाब सरकार को हाईकोर्ट से झटका लगा है। सरकार ने 7.5 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को IAS, IPS और न्यायिक अफसरों के बराबर महंगाई भत्ता (DA) 30 जून तक जारी करने के आदेश पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। एक महीने पहले हाईकोर्ट ने ही सरकार को IAS, IPS और न्यायिक अफसरों के बराबर महंगाई भत्ता देने का आदेश दिया था। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में 3.5 लाख रेगुलर कर्मचारी हैं, जबकि 4 लाख से ज्यादा पेंशनर्स हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में अभी IAS-IPS अधिकारियों को 58% DA दिया जा रहा था। वहीं अन्य सरकारी मुलाजिमों और पेंशनरों को 42% ही DA दिया जा रहा था। इसको लेकर मुलाजिमों में काफी नाराजगी थी। वह लंबे टाइम से DA की बराबरी की मांग कर रहे थे। 200 मुलाजिमों ने दायर की थी याचिका
सरकारी मुलाजिमों के वकील रशपिंदर सिंह ने बताया कि कॉर्पोरेशन के करीब 200 रिटायर्ड व वर्किंग मुलाजिम हाईकोर्ट गए थे। पंजाब सरकार का एक नियम था कि केंद्र सरकार की तरह ही मुलाजिमों को डीए क्लियर होता था। 2019 तक साल में दो डीए की किस्तें क्लियर होती थीं। मगर, मौजूदा सरकार ने एक किस्त 2022 में क्लियर की, वह भी बैक डेट की थी। दूसरी 2023 में की। आखिरी 24 अक्टूबर 2024 में 2023 के डीए की किस्त क्लियर की। हाईकोर्ट में सरकार ने क्या दलील दी
हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंजाब सरकार के ऊपर 1400 करोड़ रुपए के करीब बकाया बनता है। 8 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई में अदालत में पंजाब सरकार ने अपनी फाइनेंशियल कंडीशन की दलील दी थी। सरकार ने कहा था कि हम इसे क्लियर करना चाहते हैं, लेकिन पैसे की कमी है। अदालत ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि मुलाजिमों का हक उन्हें देना ही होगा। अब आंकड़ों के हिसाब से जानें कितना DA बढ़ेगा मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹50,000 है, उस हिसाब से… मतलब अब सैलरी में ₹8,000 प्रति माह की बढ़ोतरी होगी। यानी 16% DA बढ़ने से ₹50,000 बेसिक पर कर्मचारी को ₹8,000 ज्यादा मिलेंगे। हालांकि, इसमें थोड़ी NPS कटौती हो सकती है। DA किस हिसाब से मिलता है?
DA (महंगाई भत्ता) की गणना महंगाई के आधार पर होती है। केंद्र सरकार ज्यादातर हर साल में दो बार DA बढ़ाती है। हालांकि, पंजाब सरकार आमतौर पर केंद्र के फैसले को फॉलो करती है, लेकिन कई बार देरी से लागू करती है या किस्तों में देती है। इसी वजह से केंद्र और राज्य के DA में अंतर आ जाता है। सैलरी में कैसे जुड़ता है DA?
DA हमेशा बेसिक सैलरी + ग्रेड पे (या लेवल पे) पर लागू होता है। इसका फॉर्मूला है- DA = (बेसिक सैलरी × DA %) मजीठिया बोले- कर्मचारियों का हक देने में आनाकानी क्यों
इसको लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने भी पोस्ट डाली। उन्होंने लिखा कि पंजाब के सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बधाई। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके बकाया महंगाई भत्ते (DA) के एरियर के कानूनी अधिकार को बरकरार रखा है। उन्होंने आगे लिखा कि सरकार कर्मचारी वर्ग को DA देने में आनाकानी कर रही है और यह बहाना बना रही है कि इससे सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान होगा। उनका कहना है कि इससे अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। लेकिन क्या सरकार अपने अनावश्यक खर्चों जैसे केजरीवाल के हवाई जहाज को लेकर बोले गए झूठ और सरकारी PR (जनसंपर्क) पर होने वाले खर्चों के लिए जिम्मेदार नहीं है? क्या इससे सरकारी खजाने पर कोई बोझ नहीं पड़ता? AAP सरकार ने कर्मचारी वर्ग के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात किया है।