“उन्होंने मुझे स्टेशन के पास से ऑटो में बिठाया और गांधी मैदान ले आए। यहां मुझे कार में बैठाया। दो दिन तक कार में घुमाते रहे, मेरे साथ कई बार गलत काम किया। जब भी मैं विरोध करती वो जान से मारने की धमकी देते थे, मुझे रात भर किसी खंडहरनुमा घर में रखा, वहां भी मेरे साथ रेप किया। तीन दिन तक यही सब चलता रहा फिर खून से लथपथ हालत में दानापुर स्टेशन के पास छोड़कर भाग गए।” पुलिस को दिया ये बयान उस नाबालिग का है, जिसके साथ चलती कार में 2 दिन तक गैंगरेप हुआ। उसे एक रात खंडहरनुमा मकान में रखा गया। उसके बाद आरोपी उसे खून से लथपथ हालत में दानापुर स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए। स्टेशन पर आई लड़की को कैसे बाहर ले गए आरोपी? किस तरह गाड़ी में खींच लिया? और गाड़ी कहां-कहां घुमाते रहे? पढ़िए रिपोर्ट.. सबसे पहले जानिए, कहां-कहां गाड़ी में घुमाते रहे आरोपी पटना में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली घटना में नाबालिग लड़की को करीब 48 घंटे तक दरिंदे कार में बंधक बनाकर घुमाते रहे। जंक्शन से अगवा करने के बाद आरोपी उसे कोतवाली, गांधी मैदान, सचिवालय, गर्दनीबाग, बेऊर और दानापुर समेत 7 थाना क्षेत्रों के आसपास करीब 50 किलोमीटर तक घुमाते रहे। हैरानी की बात यह है कि भारी सुरक्षा वाले सचिवालय और वीवीआईपी इलाकों से भी गाड़ी गुजरी, लेकिन किसी ने रोका तक नहीं। अब वो हू-ब-हू बयान, जो पीड़िता ने पुलिस को दिया “मैं पूर्वी चंपारण जिले की रहने वाली हूं। मेरे घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इसलिए मैं विजयवाड़ा के एक नर्सिंग होम में काम करती हूं। 28 अप्रैल को मैं ट्रेन से घर लौटने के लिए निकली थी। कई घंटे का सफर करने के बाद 1 मई की दोपहर करीब 3 बजे पटना जंक्शन पहुंची। स्टेशन पर बहुत भीड़ थी। मैं ट्रेन से उतरी और बाहर निकलने लगी। तभी मुझे महसूस हुआ कि मेरा मोबाइल फोन गायब है। मैंने अपना बैग देखा, जेबें देखीं, आसपास खोजा, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। मैं समझ गई कि मेरा फोन चोरी हो गया है। मैं बहुत घबरा गई थी। घरवालों को सूचना देने का कोई तरीका नहीं बचा था। मैं स्टेशन पर बैठकर रोने लगी। उसी दौरान एक लड़का मेरे पास आया। उसने पूछा कि क्या हुआ- मैंने बताया कि मेरा मोबाइल चोरी हो गया है। उसने भरोसा दिलाया कि वह मोबाइल ढूंढने में मदद करेगा। उसने कहा कि अगर चाहो तो पुलिस के पास भी चल सकते हैं। उस समय मुझे लगा कि शायद वह सच में मदद करना चाहता है। पीड़िता बोली- बाहर क्या हो रहा था, कुछ समझ नहीं आ रहा था उसने कहा कि पहले तुम्हारे नंबर पर कॉल करके मोबाइल का पता करते हैं। उसने कॉल किया तो मेरा नंबर स्विच ऑफ था। वह मुझे बहला-फुसलाकर गांधी मैदान ले गया। उसने अपने साथी को यहां बुला लिया। वह सफेद रंग की कार में आया था। गांधी मैदान के पास दोनों ने मुझे जबरदस्ती कार में खींचकर बैठा लिया। वे मुझे पटना जंक्शन के शौचालय के पास लेकर आए। तब तक अंधेरा हो चुका था। दोनों ने कार में ही मेरे साथ संबंध बनाया। मैं जोर-जोर से चिल्लाने लगी, रोने लगी। उन्होंने मुझे धमकी दी कि अगर आवाज निकाली तो जान से मार देंगे। मैं अंदर फंसी हुई थी। बाहर क्या हो रहा है, कुछ समझ नहीं आ रहा था। पूरी रात मुझे कार के अंदर पटना जंक्शन के पास रखा। मैं लगातार हाथ जोड़कर छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। पूरी रात मैं डरी-सहमी गाड़ी में बनी रही। अगले दिन 2 मई को भी वे मुझे कार में बंधक बनाकर पटना शहर में घुमाते रहे। कभी कोतवाली, कभी गांधी मैदान, कभी सचिवालय और फ्लाईओवर के रास्ते ले जाते रहे। कई बार गाड़ी भीड़ वाले इलाकों से भी गुजरी, लेकिन मैं इतनी डरी हुई थी कि मदद नहीं मांग पा रही थी। उन्होंने मुझे गर्दनीबाग और बेऊर इलाके की तरफ भी घुमाया। पूरे दिन मैं कार में ही रही। वे लोग जबरदस्ती मुझे खाना खिलाने की कोशिश करते, अगर मैं नहीं खाती तो मारने की धमकी देते। अब पढ़िए 2-3 मई की आपबीती 2 मई, शाम को वे लोग मुझे एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में ले गए। वहां चारों तरफ अंधेरा था। गाय-भैंस बंधी हुई थी। उस चार मंजिला मकान के नीचे एक छोटा कमरा था। उसमें लकड़ी की एक चौकी और फ्रिज रखा था। पहले से वहां एक लड़का मौजूद था। मुझे खाना खिलाने के बाद रात भर तीनों ने बारी बारी से रेप किया। मेरे गुप्तांग से खून बह रहा था। दर्द से मैं चिल्ला रही थी। इसके बावजूद वे लोग संबंध बनाते रहे। वहां पूरी रात मेरे साथ बारी-बारी से गलत काम किया गया। मैं दर्द से कराहती रही। कई बार बेहोशी जैसी हालत हो गई। मैं लगातार रोती रही और उनसे छोड़ देने की भीख मांगती रही, लेकिन किसी को मुझ पर दया नहीं आई। 3 मई, सुबह वे लोग मुझे कार में बैठाकर दानापुर स्टेशन के पास सड़क किनारे छोड़कर भाग गए। मैं बहुत डरी हुई थी। शरीर में दर्द था। मैं सड़क किनारे बैठी रही। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कहां जाऊं, किससे मदद मांगूं। शाम में अचानक वही लड़का फिर वहां आ गया। देखकर मैं डर गई। उन्होंने मुझे दोबारा अपने साथ ले जाने की कोशिश की। वह जबरदस्ती करने लगा। उसी समय कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी। मुझे मौका मिला और मैं उनसे दूर भागी। आसपास के लोगों ने मेरी हालत देखी तो पूछताछ की। इसके बाद कुछ लोगों की मदद से मैं रेल थाना दानापुर पहुंची। वहां पुलिस अधिकारियों के सामने मैंने पूरी घटना बताई।” पुलिस ने अस्पताल मे भर्ती कराया, खून से लथपथ थी लड़की जब पुलिस के पास पहुंची तो वह खून से लथपथ थी। उसके प्राइवेट पार्ट से अत्यधिक ब्लीडिंग हो रही थी। इसलिए उसे PMCH के इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लड़की की हालत खतरे से बाहर है, लेकिन वह अभी बहुत डरी हुई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, तीसरे की तलाश जारी है। अब जानिए, जो 2 आरापी पकड़े गए पहला आरोपी: जो लड़की को जंक्शन से बाहर ले गया रेल पुलिस के अनुसार, विकास उर्फ विजय इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी है। उसकी उम्र करीब 21 साल है। वह पटना के बेऊर थाना क्षेत्र के पकड़ी इलाके का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वही पटना जंक्शन पर पीड़िता के संपर्क में आया। मदद के बहाने उसे कार तक ले गया। FIR के मुताबिक, उसी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां जुटाने का दावा किया है। दूसरा आरोपी: जिसने लड़की को कार में खींचा दूसरा गिरफ्तार आरोपी पवन राय है। उसकी उम्र करीब 22 साल है। वह गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के पूर्वी टोला सरिस्ताबाद, बिटौरा का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, पवन वारदात के दौरान लगातार कार में मौजूद था। उसी ने लड़की को कार में खींचकर दरवाजा बंद कर लिया था। पीड़िता को बंधक बनाए रखने में उसकी भूमिका सामने आई है। पुलिस ने मेडिकल जांच कराई है। उसके मोबाइल व लोकेशन डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं। तीसरा आरोपी अब भी फरार तीसरे आरोपी की पहचान अरविंद उर्फ भोकरन के रूप में हुई है। जांच टीम का कहना है कि वारदात में उसकी भी सक्रिय भूमिका थी। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और कार की मूवमेंट के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस को शक है कि वह पीड़िता को दोबारा उठाने के प्रयास में भी शामिल था। रेल पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। CCTV फुटेज में कार की मूवमेंट दिखाई दी रेल थाना दानापुर में मामला दर्ज होने के बाद स्पेशल टीम बनाई गई। रेल एसपी के निर्देश पर तकनीकी और वैज्ञानिक जांच शुरू की गई। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार को चिन्हित कर लिया है। बेऊर इलाके के एक कमरे को घटनास्थल माना गया, जहां FSL टीम ने साक्ष्य जुटाए। पीड़िता और आरोपियों का मेडिकल कराया गया है। पुलिस ने कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिनमें कार की मूवमेंट दिखने की बात कही जा रही है। मामले में BNS की धारा 64/70(2) और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।