बिहार के कई जिलों में आंधी के साथ तेज बारिश का सिलसिला जारी है। सोमवार को पटना समेत प्रदेश के 16 जिलों में बरसात हुई। पटना में दोपहर में ही अंधेरा छा गया। आंधी चलने से कई चीजें बिखर गईं। वहीं, आंधी से पटना एयरपोर्ट के बाहर टाइल्स टूटकर गिर गए। इसके अलावा नौबतपुर, बिहटा में भी तेज बारिश हुई। बारिश के बाद चारों ओर पानी भर गया। वहीं, बाढ़ में आंधी-बारिश में पेड़ गिरने से किसान की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति का टीना-करकट से गला कट गया। देखें पटना में आंधी-बारिश का नजारा मौसम विभाग ने आज पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 15 जिलों के लिए रेड अलर्ट है, जबकि 19 जिलों के लिए यलो अलर्ट है। कई जिलों में 60KM/H की स्पीड से हवा चल सकती है। आकाशीय बिजली का भी अलर्ट है। पटना का अधिकतम तापमान 29 डिग्री बदलते मौसम के कारण अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। बिहार में फिलहाल अधिकांश जिलों का तापमान 34 से 38 डिग्री के बीच बना हुआ है। फिलहाल पटना का अधिकतम तापमान 29 डिग्री के आसपास है। बाढ़ में किसान की मौत, व्यक्ति घायल पटना के बाढ़ अनुमंडल में आंधी-तूफान में अलग-अलग स्थानों पर हुई दो घटनाओं में एक किसान की मौत हो गई, जबकि एक शख्स गंभीर रूप से घायल है। ये घटनाएं अटनामा सरकटी और भेतगांब गांवों की है। पहली घटना अटनामा सरकटी गांव की है। यहां किसान मुनीलाल पासवान अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया। तेज हवा के कारण पास में खड़ा एक ताड़ का पेड़ उन पर गिर गया, जिससे मुनीलाल पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन और आसपास के लोग उन्हें तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल, बाढ़ लेकर पहुंचे। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। दूसरी घटना भेतगांब गांव में हुई। यहां संजीत कुमार अपने घर के पास काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी-तूफान के कारण पास में रखा करकट (टिन की चादर) हवा में उड़ गया और उनकी ओर आ गया। संजीत कुमार ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन तेज धार वाले करकट से उनके हाथों और गले में गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल, बाढ़ ले गए, ऐसा मौसम क्यों बना हुआ है? जानिए कारण बिहार में इस तरह के मौसम के पीछे मुख्य रूप से प्री-मानसून गतिविधियां जिम्मेदार हैं। पहला कारण: बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली हवाएं बिहार की ओर आ रही हैं, जिससे वातावरण में नमी बढ़ गई है। दूसरा कारण: पश्चिमी विक्षोभ का असर, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी हुई है और आंधी-बारिश की स्थिति बन रही है। तीसरा कारण: स्थानीय स्तर पर तापमान और नमी के टकराव से बादल तेजी से बन रहे हैं, जिससे गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति उत्पन्न हो रही है।