मोहाली के दंपती के पटियाला में 3 बच्चों संग नहर में कूदने से पहले बनाया VIDEO सामने आ गया है। 17 सेकेंड के इस वीडियो में व्यक्ति कहता है- हम अपने मां-बाप और बहनों से तंग आकर मरने लगे हैं। इसके जिम्मेवार मेरे मां-बाप और मेरी बहन होगी। बस यही जिम्मेवार हैं। इस वीडियो में वह खुद के साथ अपने तीनों बच्चों और पत्नी को भी दिखाता है। दंपती ने पहले तीनों बच्चों के हाथ-पैर बांधकर उन्हें नहर में फेंका। फिर खुद भी कूद गए। तीनों बच्चे तेज बहाव में बह गए और हाथ-पैर बंधे होने की वजह से जान बचाने की कोशिश भी नहीं कर सके। उनकी लाश एक किलोमीटर दूर मिली थी। वहीं दंपती के कूदने का पता चलते ही लोगों ने उन्हें बाहर निकाल लिया। वह जिंदा बच गए। यह भी सामने आया है कि परिवार पहले जान देने के लिए रेल की पटरी पर लेटा था, लेकिन ट्रेन नहीं आई। इसके बाद इन्होंने नहर में छलांग लगाई। दंपती ने बच्चों को हाथ-पैर बांधकर फेंका था, जिससे उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। बाइक पर सवार होकर नहर पहुंचा था दंपती
जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर को राजपुरा में गांव खेड़ी गंडिया से गुजरती भाखड़ा नरवाना ब्रांच नहर पर गांव नरड़ू वाले पुल के पास हुई। मोहाली के लांडरां क्षेत्र के गांव मौजपुर का रहने वाला दंपती यहां बच्चों को बाइक पर लेकर पहुंचा था। परिजन के मुताबिक, गांव मौजपुर से हरप्रभजोत सिंह (40) और उनकी पत्नी जसविंदर कौर (35) अपने तीन बच्चों 14 वर्षीय बेटे एकमजोत, 12 वर्षीय बेटी मुस्कान कौर और 8 वर्षीय बेटी रणवीर कौर के साथ बाइक पर निकले थे। जब वे गांव खेड़ी गंडिया से गुजरती भाखड़ा नरवाना ब्रांच नहर पर गांव नरड़ू वाले पुल के पास पहुंचे तो उन्होंने बाइक रोककर बच्चों के हाथ पैर चुन्नी से बांध दिए। इसके बाद उन्होंने पहले बच्चों को नहर में उठाकर फेंक दिया। इसके बाद खुद छलांग लगा दी। लोगों ने दंपती को बचाया, बच्चों की गई जान
नहर में डूबते परिवार को देखकर वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश की। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद हरप्रभजोत सिंह और जसविंदर कौर को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन उनके तीनों बच्चे पानी के तेज बहाव में बह गए। गोताखोरों ने 4 बजे निकाले शव
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोर भोले शंकर और राजीव कुमार की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और शाम करीब 4 बजे घटनास्थल से 1 किलोमीटर दूर तीनों बच्चों के शव नहर से बरामद कर लिए। गोताखोर राजीव कुमार ने बताया कि टीम मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन बहाव तेज होने के कारण बच्चों को नहीं बचाया जा सका। शवों को बाहर निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सरकारी अस्पताल की डॉ. तरनजीत कौर ने तीनों शवों के अस्पताल लाए जाने की पुष्टि की। मां बोली- हमसे दिक्कत थी तो हमें मार देते
पुलिस का कहना है कि दंपती ने नहर में कूदने से पहले एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने कहा था कि पत्नी जसविंदर कौर की उनकी सास गुरमेल कौर से नहीं बनती थी। इसकी वजह से घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे। यह जानकारी जब दंपती के परिजन को हुई तो उन्होंने विलाप शुरू कर दिया। मौजपुर गांव में रहने वाले हरप्रभजोत सिंह के 70 वर्षीय पिता सरवण सिंह और 65 वर्षीय मां गुरमेल कौर ने कहा- अगर मारना ही था तो हमें मार देते। बच्चों ने क्या बिगाड़ा था? पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस ने बच्चों के शवों को राजपुरा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घनौर के डीएसपी दलजीत सिंह विर्क ने बताया कि दंपती फिलहाल गहरे सदमे में है। इसलिए उनके बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं।