पानीपत शहर की विद्यानंद कॉलोनी में दो दोस्तों ने युवक के सिर पर गहरी चोट मार दी। इसके बाद वे उसे बाइक पर बैठाकर रात के अंधेरे में उसके कमरे पर घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। परिवार के लोग युवक को सिविल अस्पताल ले गए। जहां से डॉक्टरों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर दो नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। यहां जानिए क्या है मामला जानकारी के अनुसार, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कांधला के रोजू ने बताया कि वह फिलहाल विद्यानंद कॉलोनी में किराए पर रहता है। उसका 20 वर्षीय बेटा फारूक कबाड़ी का काम करता था और कॉलोनी में ही दूसरी जगह एक कमरे में अकेला रहता था। 14 अप्रैल की रात करीब 1:30 बजे फारूक के दो दोस्त, दीपक और अरविंद गुर्जर, उसे बाइक पर घायल अवस्था में उसके कमरे पर लेकर आए। फारूक बुरी तरह लहूलुहान था। आरोपी उसे छोड़कर तुरंत मौके से फरार हो गए, जिन्हें पड़ोसियों ने देख लिया था। अस्पताल से घर और फिर पीजीआई का चक्कर पड़ोसियों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और फारूक को पानीपत सिविल अस्पताल ले गए। वहां पता लगा कि वही दो युवक फारूक को पहले भी अस्पताल लाए थे, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज के बाद सिर का सीटी स्कैन कराने की सलाह दी थी। हालांकि, वे उसे वापस घर ले आए थे। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने फारूक को रोहतक पीजीआई (PGI) रेफर कर दिया। पीजीआई में डॉक्टरों ने बताया कि चोट के कारण फारूक के सिर में खून जमा हो गया है। 15 अप्रैल को इलाज के दौरान फारूक की मौत हो गई। रंजिश के चलते हत्या का आरोप मृतक के पिता रोजू का आरोप है कि दीपक और अरविंद गुर्जर ने किसी पुरानी रंजिश के चलते फारूक के सिर पर गहरी चोट मारी, जिससे उसकी जान चली गई। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर सही जानकारी दी जाती, तो शायद फारूक की जान बच सकती थी।