फतेहाबाद के BDPO का सिरसा ट्रांसफर:चेयरपर्सन से हुआ था विवाद, आचार संहिता के बीच ली अनुमति; BJP जिलाध्यक्ष ने निभाई भूमिका

फतेहाबाद के बीडीपीओ भजनलाल शर्मा का तबादला कर दिया गया है। पंचायत समिति चेयरपर्सन पूजा चराईपौत्रा के साथ हुए विवाद के बाद उनके तबादला आदेश जारी किए गए हैं। भजनलाल को सिरसा जिले के बड़ागुढ़ा ब्लॉक में भेजा गया है, जबकि वहां से सुशील मंगला को फतेहाबाद का नया बीडीपीओ नियुक्त किया गया है। विशेष बात यह है कि पंचायत चुनाव की आचार संहिता के बीच स्टेट इलेक्शन कमीशन से ट्रांसफर की अनुमति लेकर उनका तबादला किया गया है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा ने बीडीपीओ के ट्रांसफर में विशेष भूमिका निभाई है। हालांकि, एक दिन पहले ही सरपंच एसोसिएशन पूर्व विधायक दुड़ाराम से मिली थी। मगर दुड़ाराम की ओर से सीधे तौर पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया था। मगर प्रवीण जोड़ा ने इसी बीच ट्रांसफर करवा कर सरकार में संगठन की मजबूत पकड़ दर्शा दी है। यहां जानिए क्या है विवाद चेयरपर्सन पूजा पर पिछले दिनों पंचायत समिति सदस्य अमनदीप ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर धार्मिक स्थलों पर लोहे के शेड बनवाने का आरोप लगाया था। आरोप है कि नियमों की अनदेखी करके 6 गांवों में शेड लगाए गए। जिन पर करीब 30 लाख रुपए खर्च किए गए। बीडीपीओ ने जांच के बाद सीएम विंडो की शिकायत के जवाब में चेयरपर्सन पर कार्रवाई की अनुशंसा कर दी। इसी बात से खफा होकर चेयरपर्सन व उनके समर्थकों ने बीडीपीओ पर मनमानी के आरोप लगाते हुए धरने का ऐलान कर दिया। यहां जानिए चेयरपर्सन के आरोप चेयरपर्सन पूजा चराईपौत्रा ने कहा था कि बीडीपीओ अपनी मनमानी कर रहे हैं। पंचायत समिति में काम नहीं होने दे रहे हैं। सदस्य लगातार उनसे काम करवाने की मांग करते हैं। इतना ही नहीं महिला चेयरपर्सन के अधिकारों का भी हनन कर रहे हैं। चेयरपर्सन की कुर्सी पर बीडीपीओ बैठे मिलते हैं। बिना परमिशन चेयरपर्सन के कमरे में सीसीटीवी लगवाए दिए गए। उन्होंने कहा कि पहले भट्‌टू में भी जनप्रतिनिधियों ने बीडीपीओ के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था। लोहे के शेड के विवाद पर चेयरपर्सन ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर शेड लगाने का प्रस्ताव समिति की मीटिंग में ही पास हुआ था। जनता की मांग के अनुसार समिति काम करवा रही है। शेड पंचायत की ही जमीन पर लगे हैं, वो लोगों के काम ही आ रहे हैं। मैंने कोई गलत काम नहीं किया- BDPO इस पूरे विवाद पर बीडीपीओ भजनलाल का कहना था कि मैंने कोई गलत काम नहीं किया है। सीएम विंडो पर चेयरपर्सन के खिलाफ एक पंचायत समिति सदस्य ने दी है। मैंने तो सिर्फ जांच रिपोर्ट भेजी है। चेयरपर्सन की कुर्सी पर बैठने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरा ऑफिस अलग से बना हुआ है। मैं अपने ऑफिस में बैठता हूं। मगर जब स्टाफ सदस्यों के साथ मीटिंग करनी होती है, तब चेयरपर्सन के कमरे में बैठता हूं, क्योंकि वही कमरा सबसे बड़ा है। जिसमें 50-60 लोग आसानी से बैठ सकते हैं। बाकी इतने समय में चेयरपर्सन उनसे केवल एक बार मिली है। बाकी समय चेयरपर्सन के पति अजय कुमार ही आते रहे हैं।

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