पंजाब में सरकार द्वारा संगरूर से शुरू किए गए बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के प्रोजेक्ट पर राज्य की सियासत गरमा गई। पंजाब बीजेपी के प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा, “यह टोटल फ्रॉड है। इस टेंडर को लेकर मैं अलग से प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। सीएम ने अरोड़ा साहिब की मुश्किल बढ़ा दी हैं। हम एजेंसियों से मांग करेंगे कि जांच का दायरा बढ़ाया जाए। संजीव के कार्यकाल के दौरान, चाहे वे अर्बन अफेयर्स मंत्री रहे हों या बिजली विभाग के प्रभारी, उनके समय में लिए गए सभी फैसलों की जांच होनी चाहिए।” सुनील जाखड़ ने मीडिया से बातचीत में ये मुद्दे उठाए – 1. जाखड़ ने कहा कि आज कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात करनी थी, लेकिन यह मामला बेहद गंभीर है। मैं समझता हूं कि यह टेंडर उस समय पास किया गया, जब संजीव अरोड़ा जी संबंधित विभाग में जिम्मेदारी संभाल रहे थे, और उनके कार्यकाल के दौरान ही यह प्रक्रिया पूरी हुई। पहली बात, किसी भी टेंडर में कम से कम तीन प्रतिभागियों का होना जरूरी होता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। 2. आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली की एक कंपनी को करीब 8 करोड़ रुपये का टेंडर दिया, जो पूरी तरह बोगस दिखाई देता है। यह सीधे तौर पर पैसे खाने की तैयारी लगती है। मुझे लगता है कि भगवंत ने संजीव अरोड़ा जी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। चर्चा थी कि अरोड़ा साहब बीजेपी में जाने की तैयारी कर रहे थे, और अब ऐसा प्रतीत होता है कि भगवंत मान जी उनके साथ अपना हिसाब बराबर कर रहे हैं। वरना संभव है कि इस प्रोजेक्ट पर पर्दा पड़ा रहता और मामला सामने ही नहीं आता। 3. हम एजेंसियों से मांग करेंगे कि जांच का दायरा बढ़ाया जाए। संजीव अरोड़ा जी के कार्यकाल के दौरान, चाहे वे अर्बन अफेयर्स मंत्री रहे हों या बिजली विभाग के प्रभारी, उनके समय में लिए गए सभी फैसलों की जांच होनी चाहिए। 8 करोड़ का है पायलट प्रोजेक्ट पंजाब को बिजली की तारों और खंभों के जाल से मुक्त करने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अपने गांव सतोज से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत किया। करीब 8 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत गांव में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इसके लिए 7 किलोमीटर हाई टेंशन और 9.5 किलोमीटर लो टेंशन लाइनों को जमीन के नीचे डाला जाएगा, जबकि 800 उपभोक्ताओं के घरों तक जाने वाली 41 किलोमीटर लंबी बिजली केबल भी अंडरग्राउंड की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस योजना से फसलों में आग लगने की घटनाओं और बिजली की तारों से होने वाले हादसों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।