पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां आज श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में पहुंचकर जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज को अपना स्पष्टीकरण सौंपेंगे। दरअसल, बेअदबी के खिलाफ AAP सरकार द्वारा बनाए गए नए कानून को लेकर जत्थेदार ने उन्हें तलब किया था। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से कानून बनाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि बेअदबी जैसे संवेदनशील और धार्मिक मुद्दे पर कानून तैयार करने से पहले पंथ की सामूहिक राय लेना जरूरी था। उनका कहना है कि सिख मर्यादा और धार्मिक परंपराओं से जुड़े मामलों में श्री अकाल तख्त साहिब की भूमिका सर्वोपरि मानी जाती है और इस प्रक्रिया की अनदेखी उचित नहीं है। धार्मिक और राजनीतिक हलकों में बढ़ी बहस इसी मुद्दे को लेकर आज स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब के धार्मिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ सरकार बेअदबी के मामलों में सख्त कानून की जरूरत बता रही है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक संस्थाएं पंथ की भागीदारी और मर्यादाओं को प्राथमिकता देने की बात कर रही हैं। संधवां बोले- अकाल तख्त सर्वोच्च वहीं स्पीकर संधवां ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि श्री अकाल तख्त साहिब उनके लिए सर्वोच्च और अत्यंत सम्माननीय है। अगर उन्हें आधिकारिक रूप से बुलाया गया है तो वह पूरी श्रद्धा और विनम्रता के साथ पहुंचकर अपना पक्ष रखेंगे। जत्थेदार को निजी तौर पर पूरी जानकारी देंगे उन्होंने यह भी कहा कि वह जत्थेदार को निजी तौर पर पूरी जानकारी देंगे। अब सभी की नजर आज होने वाली इस पेशी पर टिकी हुई है, क्योंकि इसके बाद पूरे मामले की दिशा काफी हद तक साफ हो सकती है।